प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)
नई दिल्ली, 11 मई: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने भारत में पेट्रोल और डीजल (Petrol and Diesel) के दामों को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव (Middle East conflict) और अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता (US-Iran Nuclear Talks) में आए गतिरोध के कारण कच्चा तेल 104 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है. इस बीच, खबर है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (State-Owned Oil Marketing Companies) (OMCs) को पिछले 10 हफ्तों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है. यह भी पढ़ेें: वैश्विक तेल बाजार में उबाल: अमेरिका-ईरान वार्ता टलने से कच्चे तेल की कीमतों में 4% का उछाल, नेतन्याहू बोले- ‘जंग अभी खत्म नहीं हुई’
तेल कंपनियों पर भारी वित्तीय बोझ
सूत्रों के अनुसार, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को मौजूदा समय में रोजाना करीब 1,600 करोड़ से 1,700 करोड़ रुपये का घाटा (Under-recovery) हो रहा है. अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के बावजूद भारत में ईंधन की दरें लगभग दो साल पुराने स्तर पर ही स्थिर रखी गई हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाया जा सके. हालांकि, कंपनियों पर बढ़ता यह वित्तीय दबाव कीमतों में बदलाव की संभावनाओं की ओर इशारा कर रहा है.
पीएम मोदी की ईंधन बचाने की अपील
हैदराबाद में एक संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच नागरिकों से पेट्रोल और डीजल का “बेहद संयम” से उपयोग करने का आग्रह किया. प्रधानमंत्री ने ईंधन की खपत कम करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए:
- सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो और बसों) का अधिक उपयोग करें.
- कार-पूलिंग के विकल्प को अपनाएं.
- संभव हो तो इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का उपयोग करें.
- वर्क-फ्रॉम-होम और वर्चुअल मीटिंग्स को दोबारा प्राथमिकता दें.
इसके अलावा, पीएम ने खाद्य तेल के उपयोग को सीमित करने और अगले साल तक अनावश्यक सोना न खरीदने की भी सलाह दी, ताकि देश के आयात बिल और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके.
प्रमुख शहरों में आज के दाम (प्रति लीटर)
फिलहाल देश के महानगरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि कुछ शहरों में मामूली बदलाव देखा गया है:
| शहर | पेट्रोल (INR) | डीजल (INR) |
| नई दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| मुंबई | 103.50 | 90.03 |
| कोलकाता | 105.45 | 92.02 |
| चेन्नई | 100.95 | 92.49 |
| हैदराबाद | 107.46 | 95.70 |
| बेंगलुरु | 102.92 | 90.99 |
क्या भविष्य में बढ़ेंगी कीमतें?
सरकार ने फिलहाल ईंधन की कीमतों में किसी भी तत्काल बढ़ोतरी की खबरों का खंडन किया है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव जारी रहता है और कच्चे तेल की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो लंबे समय तक खुदरा दरों को स्थिर रखना चुनौतीपूर्ण होगा. सरकार का मुख्य ध्यान अभी मुद्रास्फीति (Inflation) को नियंत्रित करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने पर है.

