नवादा। बिहार के नवादा जिले के आनंदपुरा स्थित एक सरकारी स्कूल में छात्राओं की शिकायत के बाद हंगामा हो गया। कक्षा 8 की छात्राओं ने स्कूल के प्रधानाध्यापक महेश प्रसाद यादव पर अनुचित व्यवहार और गलत तरीके से छूने के गंभीर आरोप लगाए। शिकायत सामने आने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और प्रधानाध्यापक को उनके कार्यालय में बंद कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और थाने ले गई। बाद में पुलिस ने छात्राओं की शिकायत के आधार पर POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है।
परीक्षा के दौरान सामने आया मामला
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना 18 सितंबर 2026 की सुबह करीब 11 बजे नवादा सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, आनंदपुरा में हुई। एक छात्रा परीक्षा के लिए कॉपी और प्रश्नपत्र लेने प्रधानाध्यापक के पास पहुंची थी। छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक उसे कार्यालय के अंदर ले गए और वहां उसके साथ गलत तरीके से व्यवहार किया।
छात्रा के बाहर आने के बाद उसने कथित घटना की जानकारी अपनी सहेलियों को दी। इसके बाद अन्य छात्राओं ने भी प्रधानाध्यापक के व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने रखीं। एक अन्य छात्रा ने उनके द्वारा बाल खींचने का आरोप लगाया। रिपोर्टों में कुछ छात्राओं की ओर से पहले भी अनुचित व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए जाने की बात कही गई है।
शिकायत के बाद स्कूल में बढ़ा आक्रोश
छात्राओं की शिकायत सामने आने के बाद स्कूल परिसर में स्थिति बिगड़ गई। छात्राएं प्रधानाध्यापक के कार्यालय के पास पहुंचीं और विरोध करने लगीं। इसके बाद आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, आक्रोशित लोगों ने प्रधानाध्यापक को उनके कार्यालय में बंद कर दिया। कुछ रिपोर्टों में स्कूल परिसर में तोड़फोड़ और प्रधानाध्यापक की बाइक को नुकसान पहुंचाए जाने की भी जानकारी दी गई है।
मामले की सूचना डायल-112 को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन स्थिति को देखते हुए नगर थाना पुलिस को भी बुलाया गया। नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह पुलिस बल के साथ स्कूल पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद प्रधानाध्यापक को सुरक्षित बाहर निकालकर थाने ले जाया गया।
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज
नगर थानाध्यक्ष के अनुसार, छात्राओं की शिकायत में प्रधानाध्यापक पर छेड़छाड़ और गलत नीयत से छूने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर POCSO एक्ट की धाराओं समेत संबंधित प्रावधानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है और प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
प्रधानाध्यापक ने आरोपों से किया इनकार
इस मामले में एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि कुछ रिपोर्टों के अनुसार प्रधानाध्यापक महेश प्रसाद यादव ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है और आरोपों को गलत बताया है। इसलिए छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इनकी अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
वायरल पोस्ट में किए गए सभी दावे पुष्ट नहीं
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में छात्राओं के हवाले से कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, जिनमें बाथरूम में ताक-झांक, गोद में बैठाने और शरीर के अलग-अलग हिस्सों को छूने जैसे आरोप शामिल हैं। इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों से नहीं होती। विश्वसनीय रिपोर्टों में मुख्य रूप से प्रश्नपत्र लेने गई छात्रा के साथ कथित अनुचित व्यवहार, बाल खींचने और अन्य छात्राओं द्वारा पहले भी अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए जाने की जानकारी है।
इसलिए खबर प्रकाशित करते समय सोशल मीडिया पोस्ट में लिखे हर आरोप को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
मामला नाबालिग छात्राओं से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील है। पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अब छात्राओं के बयान, स्कूल से जुड़े साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी।
फिलहाल पुष्टि योग्य तथ्य यह है कि नवादा के आनंदपुरा स्थित सरकारी स्कूल में कक्षा 8 की छात्राओं ने प्रधानाध्यापक पर अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए, इसके बाद स्कूल में हंगामा हुआ और पुलिस ने प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया। मामले में POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की बात पुलिस के हवाले से सामने आई है।
नोट: नाबालिग छात्राओं की पहचान उजागर नहीं की जा रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

