ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। माता के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं को धान से लदे एक बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
आधी रात के बाद हुआ हादसा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को तड़के करीब 1:30 बजे शीतला माता मंदिर मार्ग पर हुआ। नवरात्रि के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी हुई थी। इसी दौरान धान से भरा एक ट्रक अनियंत्रित हो गया और सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया।
बताया जा रहा है कि ट्रक पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ा और मंदिर के प्रवेश द्वार तथा बाहरी दीवार से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की दीवार का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान कई लोग ट्रक और मलबे के नीचे दब गए।
मृतकों की संख्या बढ़ने से मचा हड़कंप
शुरुआती रिपोर्टों में हादसे में 12 से 13 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी। बाद की मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 से 15 तक बताई गई। घायलों की संख्या को लेकर भी अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।
ताजा उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत होने की खबर है। कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की अंतिम आधिकारिक संख्या की पुष्टि संबंधित प्रशासन की नवीनतम जानकारी से की जानी चाहिए।

राहत और बचाव कार्य शुरू
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना में घायल लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक पहुंचने को लेकर सवाल
इस दुर्घटना के बाद मंदिर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जिस रास्ते पर हादसा हुआ, वहां ढलान होने के कारण भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी। इसके बावजूद धान से लदा ट्रक वहां कैसे पहुंचा और बैरिकेडिंग पार कर श्रद्धालुओं तक कैसे पहुंच गया, इसकी जांच की जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना वाहन के अनियंत्रित होने, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुई। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
ट्रक चालक और मालिक गिरफ्तार
हादसे के बाद की रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने ट्रक चालक और वाहन मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में दुर्घटना के कारणों और सुरक्षा संबंधी संभावित लापरवाही की जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने भी प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कार्रवाई की। मीडिया रिपोर्टों में सिटी एसपी को हटाने और आठ अन्य अधिकारियों को निलंबित करने के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों की जानकारी दी गई है।
नवरात्रि के बीच दर्दनाक हादसे से शोक
नवरात्रि के दौरान माता के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं के साथ हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। जिस मार्ग पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए जा रहे थे, वहां अचानक बेकाबू ट्रक पहुंचने से कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
इस दुर्घटना ने धार्मिक स्थलों के आसपास यातायात प्रबंधन, भारी वाहनों की निगरानी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।

