गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर से दिल दहला देने वाली हत्या की घटना सामने आई है। सिकरीगंज थाना क्षेत्र के अहिरौली खुर्द गांव में ब्रह्मभोज के सामूहिक कार्यक्रम के दौरान बिजली विभाग के ठेकेदार और अधिवक्ता के पिता शिवकुमार तिवारी की कथित तौर पर सब्बल और धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया है।
बताया जा रहा है कि शिवकुमार तिवारी ब्रह्मभोज कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। पहले उन पर कथित तौर पर सब्बल से वार किया गया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद जब परिजन उन्हें इलाज के लिए ले जा रहे थे, तभी रास्ते में आरोपियों ने वाहन रोककर दोबारा हमला कर दिया।
रूह कपा देगा ये वीडियो
गोरखपुर के सिकरीगंज थाना अंतर्गत शिवकुमार तिवारी जी कैसे तलवार से मारा जा रहा है एक भी आरोपी को जिंदा रहने का अधिकार नहीं है अगर ये। अपराधी जिंदा रहेंगे तो अपराधियों का मन और बढ़ जाएगा गोरखपुर पुलिस इसका फूल इनकाउंटर करें @gorakhpurpolice@Uppolice pic.twitter.com/n89M0sxNDu
— ठाकुर शेर सिंह पवनी (@thakursher5284) August 11, 2026
ब्रह्मभोज में शामिल होने पहुंचे थे शिवकुमार तिवारी
घटना 8 अगस्त 2026 की बताई जा रही है। अहिरौली खुर्द गांव में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद ब्रह्मभोज का सामूहिक आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम में शिवकुमार तिवारी भी शामिल होने पहुंचे थे।
रिपोर्टों के मुताबिक वह अन्य लोगों के साथ बैठकर भोजन कर रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि एक आरोपी ने कपड़ों में छिपाकर रखे सब्बल से उनके सिर पर हमला किया।
अचानक हुए हमले से कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई। शिवकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के लिए ले जाते समय फिर रोककर हमला
हमले के बाद परिजन और ग्रामीण घायल शिवकुमार को इलाज के लिए ऑटो से लेकर जाने लगे। लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने रास्ते में हनुमान प्रसाद पोद्दार स्कूल के पास ऑटो को रोक लिया।
इसके बाद शिवकुमार पर फिर हमला किया गया। रिपोर्टों के अनुसार इस बार हमलावरों ने तलवार, चाकू और अन्य धारदार हथियारों से उन पर हमला किया।
हमला इतना गंभीर था कि शिवकुमार की मौके पर ही मौत हो गई।
वीडियो में तलवार से वार करता दिखाई दे रहा आरोपी
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति तलवार लेकर हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में काफी आक्रोश है।
सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया जा रहा है कि हमले के दौरान शिवकुमार खुद को बचाने के लिए गुहार लगाते रहे और कथित तौर पर “मत मार रे बाबू, पाप लगेगा” जैसी बातें कहते रहे।
हालांकि, इस कथन को खबर में पुलिस या प्रत्यक्षदर्शी की आधिकारिक पुष्टि के तौर पर प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के जरिए होना बाकी है।
पुरानी रंजिश को बताया जा रहा हत्या का कारण
पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चला आ रहा था।
बताया गया है कि यह विवाद वर्ष 2024 से चला आ रहा था। पुलिस अब इसी पुरानी रंजिश के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह और घटनाक्रम में प्रत्येक आरोपी की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अधिवक्ता के पिता थे शिवकुमार तिवारी
मृतक शिवकुमार तिवारी के बेटे आदित्य त्रिपाठी अधिवक्ता बताए गए हैं। हत्या की खबर सामने आने के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद गांव में भी तनाव का माहौल बताया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। परिवार की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या अलग-अलग बताई गई है, इसलिए अंतिम संख्या पुलिस की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
पुलिस वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बना रही है। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
दिनदहाड़े हत्या से कानून-व्यवस्था पर सवाल
गोरखपुर में सामूहिक ब्रह्मभोज जैसे सार्वजनिक आयोजन के दौरान इस तरह का हमला और उसके बाद रास्ते में दोबारा हमला किए जाने की घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश थी तो पुलिस को इसकी जानकारी थी या नहीं और यदि पहले से विवाद चल रहा था तो उसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हथियारों के साथ हमला और घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाते समय कथित तौर पर दोबारा घेरकर हमला किया जाना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है।
विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा
घटना के बाद विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष की ओर से सवाल उठाया गया कि जब मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में इस तरह दिनदहाड़े हत्या हो सकती है तो प्रदेश के दूसरे जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या होगी।
विपक्ष ने घटना को सरकार की कानून-व्यवस्था की नाकामी से जोड़ते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, “गोरखपुर में जंगलराज” जैसे बयान राजनीतिक दलों के आरोप हैं, जिन्हें खबर में राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस हत्या के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि ब्रह्मभोज के दौरान हमला किसने शुरू किया, कितने लोग इसमें शामिल थे, रास्ते में वाहन को किसने रोका और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से आए।
घटना का वायरल वीडियो जांच में अहम साक्ष्य साबित हो सकता है। पुलिस यदि वीडियो में दिखाई दे रहे आरोपियों की पहचान कर लेती है तो घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में मदद मिल सकती है।
गोरखपुर की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पुरानी रंजिश किस तरह सार्वजनिक कार्यक्रम में खूनी हिंसा का रूप ले सकती है। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर हैं।

