रायपुर। Raipur E-Challan: राजधानी रायपुर में ई-चालान की व्यवस्था को लेकर वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। कुछ वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें न तो मोबाइल पर चालान का मैसेज मिला और न ही घर पर कोई नोटिस पहुंचा, लेकिन परिवहन विभाग के ऐप पर उनके वाहनों के नाम पर हजारों रुपये का जुर्माना बकाया दिखाई दे रहा है। कुछ मामलों में यह रकम 20 हजार रुपये से अधिक होने की बात सामने आई है। वहीं, कुछ वाहन मालिकों ने शहर की बदहाल सड़कों का हवाला देते हुए ई-चालान व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़कें खराब होने के बावजूद ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। ऐसे में वाहन चालकों का सवाल है कि जब सड़कें ही दुरुस्त नहीं हैं, तो जिम्मेदारी सिर्फ वाहन मालिकों पर ही क्यों? ऐसे में ई-चालान की सूचना वाहन मालिकों तक पहुंचने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
ऐप पर स्टेटस चेक करने पर सामने आया बकाया

रिपोर्ट के मुताबिक, पुरानी बस्ती के एक वाहन मालिक की कार पर 10,300 रुपये के तीन चालान लंबित दिखाई दे रहे हैं। वाहन मालिक का कहना है कि उन्हें पहले इसकी जानकारी नहीं थी। ऐप पर चालान की स्थिति देखने के बाद उन्हें बकाया राशि का पता चला।
इसी तरह न्यू राजेंद्र नगर निवासी विवेक डागा ने बताया कि उनकी कार पर 4,900 रुपये के पांच चालान लंबित हैं। वहीं, भाटागांव निवासी आरके राजपूत के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के दौरान उनकी गाड़ी पर 26 हजार रुपये का चालान बकाया हो गया, जिसकी जानकारी उन्हें करीब 3 महीने पहले मिली।
इन मामलों से यह सवाल उठ रहा है कि यदि वाहन मालिकों तक चालान की सूचना समय पर नहीं पहुंचती, तो उन्हें जुर्माने की जानकारी कैसे मिलेगी और वे समय रहते उसका निपटारा कैसे कर पाएंगे।
आठ महीने में जारी हुए करीब 8.94 करोड़ रुपये के समन शुल्क
रिपोर्ट में आरटीआई से प्राप्त जानकारी के हवाले से बताया गया है कि जनवरी से अगस्त 2026 तक रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में ई-चालान कार्रवाई के तहत कुल 8 करोड़ 94 लाख 32 हजार 350 रुपये के समन शुल्क जारी किए गए।
महीनेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च में सबसे अधिक 1 करोड़ 93 लाख 94 हजार 500 रुपये के समन शुल्क जारी हुए। वहीं, जून में यह राशि घटकर 44 लाख 47 हजार 600 रुपये रही।
जनवरी से अगस्त 2026 तक जारी समन शुल्क का विवरण:
– जनवरी: 1,08,41,200 रुपये
– फरवरी: 95,36,900 रुपये
– मार्च: 1,93,94,500 रुपये
– अप्रैल: 1,52,00,500 रुपये
– मई: 1,75,42,050 रुपये
– जून: 44,47,600 रुपये
– जुलाई: 63,77,700 रुपये
– अगस्त: 60,91,900 रुपये
मोबाइल नंबर और पता बदलने से छूट सकती है चालान की सूचना
परिवहन विभाग के अपर आयुक्त डी. रविशंकर के मुताबिक, वाहन मालिक का मोबाइल नंबर या आवासीय पता बदलने की स्थिति में कई बार चालान की सूचना उन तक नहीं पहुंच पाती। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की बात कही है।
उन्होंने वाहन चालकों को सलाह दी है कि चालान को लेकर किसी तरह का संदेह होने पर नजदीकी ट्रैफिक थाने से संपर्क कर जानकारी प्राप्त करें। वहीं, यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि ई-चालान व्यवस्था में नियमों का उल्लंघन दर्ज करने के साथ वाहन मालिक को समय पर सूचना देना भी जरूरी है।
क्या लंबित ई-चालान से रुक सकते हैं जरूरी काम?
केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के नियम 167 में ई-चालान जारी करने और उसके निपटारे की प्रक्रिया का प्रावधान है। मामले की स्थिति के अनुसार चालान वर्चुअल कोर्ट या संबंधित न्यायालय में भेजा जा सकता है। लंबित चालान का वाहन पंजीकरण या ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कुछ कार्यों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, इसका प्रभाव संबंधित नियमों और मामले की स्थिति पर निर्भर करता है।
घर बैठे ऐसे चेक करें अपना ई-चालान
वाहन मालिक केवल मोबाइल मैसेज का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर अपने वाहन का चालान स्टेटस जांच सकते हैं।
1. आधिकारिक ई-चालान पोर्टल https://echallan.parivahan.gov.in/ पर जाएं।
2. चालान की स्थिति जांचने का विकल्प चुनें।
3. वाहन नंबर या पोर्टल पर मांगी गई अन्य जानकारी दर्ज करें।
4. स्क्रीन पर दिखाई देने वाले लंबित चालान और उनकी राशि की जांच करें।
5. किसी चालान को गलत मानते हैं, तो आधिकारिक शिकायत या निस्तारण प्रक्रिया के माध्यम से उसका सत्यापन कराएं।
रायपुर में सामने आए इन मामलों के बीच वाहन मालिकों के लिए अपने दस्तावेजों में दर्ज मोबाइल नंबर और पते को अपडेट रखना तथा समय-समय पर चालान की स्थिति जांचना महत्वपूर्ण है। साथ ही, ई-चालान की सूचना समय पर पहुंचाने की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना भी जरूरी है, ताकि वाहन चालकों को अचानक भारी बकाया राशि का सामना न करना पड़े।


