बिलासपुर। CG NEWS : जिले में गरीबों के लिए मिलने वाले सरकारी राशन की पात्रता को लेकर बड़ी जांच सामने आई है। सरकारी मापदंडों के आधार पर जिले में 69 हजार 562 हितग्राही संदिग्ध पाए गए हैं। इनमें लंबे समय से राशन नहीं लेने वालेe हितग्राही, आधार वेरिफिकेशन में दिक्कत वाले, डुप्लीकेट हितग्राही और आय समेत अलग-अलग सरकारी रिकॉर्ड में संदिग्ध पाए गए लोग शामिल हैं। हालांकि सूची में नाम आने का मतलब यह नहीं है कि हितग्राही अपात्र साबित हो चुका है। अब स्थानीय स्तर पर दस्तावेज और पात्रता का सत्यापन किया जाएगा।
आंकड़ों के मुताबिक 17 हजार 375 हितग्राहियों ने छह महीने या उससे ज्यादा समय से राशन नहीं लिया है। वहीं 11 हजार 440 हितग्राहियों के आधार वेरिफिकेशन में दिक्कत सामने आई है। 7 हजार 919 डुप्लीकेट हितग्राही भी चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा 6 लाख रुपये से ज्यादा आय वाले 11 हजार 415 हितग्राही, ईपीएफओ में 1 लाख 80 हजार रुपये से ज्यादा वेतन वाले 1 हजार 686 हितग्राही, लखपति दीदी श्रेणी के 358 और एमसीए निदेशक श्रेणी के 224 हितग्राही भी जांच के दायरे में हैं। अब इन सभी मामलों में स्थानीय स्तर पर दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाएगी। सत्यापन के दौरान जो हितग्राही निर्धारित मापदंडों के अनुसार अपात्र पाए जाएंगे, उनके राशन कार्ड निरस्त किए जा सकते हैं। करीब साढ़े पांच लाख राशन कार्डों से जुड़ी इस जांच का उद्देश्य पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी राशन का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाना बताया जा रहा है।


