रायपुर/नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शन का एक वीडियो अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। प्रदर्शन के दौरान कंटेंट क्रिएटर उर्वशी पलांडुरकर का डांस करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद छत्तीसगढ़ बीजेपी की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने विवाद को और बढ़ा दिया।
बीजेपी की पोस्ट में एक ओर उर्वशी पलांडुरकर की तस्वीर के साथ “बाबर की विरासत पर ठुमके लगाने वाले Gen-Z” लिखा गया, जबकि दूसरी ओर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मानित एक छात्रा की तस्वीर साझा कर उसे “छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाले Gen-Z” बताया गया। पोस्ट में लोगों से पूछा गया कि वे किस तरह के Gen-Z को चुनना पसंद करेंगे।
बिना अनुमति तस्वीर इस्तेमाल करने का आरोप
पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। उर्वशी पलांडुरकर ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उनकी तस्वीर और वीडियो का उपयोग उनकी अनुमति के बिना किया गया। उन्होंने कहा कि आज की Gen-Z पीढ़ी पुराने राजनीतिक नैरेटिव से खुद को नहीं जोड़ती और सोशल मीडिया पर तथ्यों के साथ अपनी बात रखने में सक्षम है।
विपक्ष ने बीजेपी पर बोला हमला
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दलों ने भी बीजेपी की आलोचना की। विपक्ष का आरोप है कि इस पोस्ट के कारण पार्टी को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा और यह कदम राजनीतिक रूप से उल्टा पड़ गया।
कौन सी सोच वाले Gen Z चुनेंगे आप? pic.twitter.com/AXi8zHyrO8
— BJP Chhattisgarh (@BJP4CGState) July 29, 2026
कांग्रेस भी सोशल मीडिया टीम मजबूत करने में जुटी
इधर, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी सोशल मीडिया रणनीति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। पार्टी ने नई सोशल मीडिया टीम के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत प्रदेशभर से सोशल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ताओं के चयन के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं।
फिलहाल, एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ यह मामला अब सोशल मीडिया के उपयोग, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक संदेशों की शैली को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, विभिन्न पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ इस विवाद पर लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

