खैरागढ़-छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद और लगातार मारपीट करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर अपने ही माता-पिता और पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार करने, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 01, ग्राम पिपरिया निवासी 26 वर्षीय राजारक गौरिया के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ उपद्रव करता है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जांच में पाया गया कि आरोपी समय-समय पर घर आकर परिवार के साथ झगड़ा करता था। वह माता-पिता और पत्नी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करता था और कई बार मारपीट भी करता था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि आरोपी अक्सर उन्हें धमकी देता था और “मेरे खिलाफ शिकायत करते हो” कहकर डराने का प्रयास करता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पिकअप वाहन की मांग को लेकर भी परिवार के साथ विवाद करता था। जब परिजन उसे समझाने की कोशिश करते थे, तो वह और अधिक आक्रामक हो जाता था और स्थिति तनावपूर्ण हो जाती थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की सूचना आरोपी के परिजनों को दी गई। पुलिस ने यह भी माना कि आरोपी के व्यवहार को देखते हुए भविष्य में शांति भंग होने की आशंका थी। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 126 और 135(3) बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है, ताकि परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी के व्यवहार से आसपास के लोग भी परेशान थे और अक्सर घर में विवाद की स्थिति बनी रहती थी। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या उपद्रव की स्तिथि में तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने यह भी कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इस कार्रवाई को पुलिस की तत्परता और सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ऐसे मामलों में नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।

