भारतेन्दु कौशिक, बिलासपुर। CG purchased paddy : शासन के किसान हितैषी दावों के बीच बिलासपुर से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक 75 वर्षीय बुजुर्ग किसान अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए सिस्टम के चक्कर काटते-काटते पूरी तरह टूट चुका है। हालात इतने भयावह हो गए हैं कि बुजुर्ग किसान ने साफ शब्दों में कहा है।अगर धान नहीं बिका, तो आत्महत्या कर लूंगा।

यह मामला मस्तूरी तहसील के ग्राम विद्याडीह का है। यहां रहने वाले किसान अगरमन दास, पिता स्वर्गीय मिठाई लाल, साल भर कड़ी मेहनत कर धान की फसल तैयार करते हैं। मिंजाई पूरी हो चुकी है, लेकिन अब वही धान उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गया है। पूरा धान बोरियों में भरकर घर के आंगन में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है, जिसे आवारा मवेशी बोरियां फाड़-फाड़कर खा रहे हैं।
CG purchased paddy बुजुर्ग किसान का कहना है कि वे कई बार विद्याडीह मंडी सोसाइटी गए, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। कर्मचारियों और ऑपरेटरों ने यह कहकर टोकन काटने से मना कर दिया कि 31 जनवरी 2026 तक का कोटा पूरा हो चुका है। शारीरिक रूप से कमजोर अगरमन दास अब मंडी और दफ्तरों के चक्कर लगाने में असमर्थ हैं।किसान की पीड़ा तब और गहरी हो जाती है जब वे कहते हैं कि उनकी पूरी जमा-पूंजी इसी धान में लगी है। कर्ज, घर खर्च और इलाज की चिंता ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है। उनका कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द उनकी फसल नहीं खरीदी, तो उनके पास जीवन समाप्त करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। 75 साल की उम्र में न्याय के लिए भटकते इस किसान का आरोप है कि प्रशासन एक ओर किसानों के सत्यापन और हित की बातें करता है, लेकिन दूसरी ओर वास्तविक किसान एक टोकन के लिए तरस रहा है।
धान खरीदी को लेकर जब कलेक्टर संजय अग्रवाल से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि कुछ टेक्निकल कारणों से रजिस्ट्रेशन में समस्या आ रही है, जिसे रायपुर भेजकर समाधान किया जा रहा है। साथ ही गलत तरीके से धान बेचने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है।
CG purchased paddy अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सिस्टम समय रहते इस बुजुर्ग किसान की मदद करेगा, या फिर सरकारी दावों के बीच एक मेहनतकश किसान की उम्मीद यूं ही टूट जाएगी।


