मनोज श्रीवास्तव/ एमसीबी : CG NEWS : विजयादशमी यानी असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। देशभर में दशहरे पर रावण दहन की परंपरा है, लेकिन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी स्थित कोरिया कॉलरी में रावण दहन का अंदाज बेहद अनोखा है। यहां मैदान में नहीं, बल्कि गहरे तालाब के बीच बने टापू पर रावण का दहन किया जाता है। पानी के बीच रावण दहन का यह अनोखा नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।
भगवान श्रीराम की विजय के प्रतीक दशहरे को कोरिया कॉलरी में एक अलग अंदाज में मनाया जाता है। यहां रावण का पुतला किसी मैदान में नहीं, बल्कि गहरे तालाब के बीच बने टापू पर स्थापित किया जाता है।

इस आयोजन की सबसे खास बात है टापू तक पहुंचने का अनोखा तरीका। रावण के पुतले को तालाब के बीच पहुंचाने के लिए ड्रमों से बनी नाव का सहारा लिया जाता है। रस्सी की मदद से नाव को खींचकर टापू तक पहुंचाया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया आयोजन को खास और चुनौतीपूर्ण बनाती है।
जैसे ही तालाब के बीच टापू पर रावण का दहन होता है, वहां मौजूद लोगों की नजरें इस अनोखे दृश्य पर टिक जाती हैं। पानी से घिरे टापू पर जलते रावण को देखना लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है। इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचते हैं।
कोरिया कॉलरी का यह अनोखा रावण दहन दशहरे के उत्सव को एक अलग पहचान देता है। संदेश वही है—चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और अच्छाई की ही होती है।


