Raipur.। राजधानी रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र स्थित पत्रकार कॉलोनी कचना में पड़ोसी विवाद के चलते मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला ने अपने पड़ोसी और उसके परिवार पर गाली-गलौच, धमकी और मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला अपने परिवार के साथ पत्रकार कॉलोनी कचना में रहती है और दूध डेयरी का काम करती है। घटना 3 अप्रैल 2026 की शाम लगभग 5:30 बजे की बताई जा रही है, जब वह अपने बेटों गुलशन और राहुल के साथ घर के पास मौजूद थी। उसी दौरान पड़ोसी लखन सिंह की पत्नी ने बिना किसी कारण के गाली-गलौच शुरू कर दी।
सूत्र बताते है कि आरोपी के खिलाफ आज 4 दिन से खम्हारडीह थाना पुलिस ने कोई भी कार्रवाई नहीं की है वही सूत्रों का कहना है कि आरोपी पक्ष ने खुलेआम ये कहा है कि उनके पुलिस से पूरी सेटिंग है कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
इस पर महिला के बेटे गुलशन ने लखन सिंह को फोन कर अपनी पत्नी को समझाने की बात कही। लेकिन यह विवाद रात तक और बढ़ गया। रात करीब 8:30 बजे लखन सिंह, उसकी पत्नी और अन्य लोग पीड़िता के घर के पास पहुंचे और फिर से गाली-गलौच करने लगे। पीड़ित महिला ने बताया कि जब वह अपने दोनों बेटों के साथ बाहर निकलकर उन्हें गाली देने से मना कर रही थी, तभी आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ, मुक्के और डंडे से हमला कर दिया। इस मारपीट में महिला के सिर के बाएं हिस्से में चोट आई, जबकि उसके बेटे राहुल के पैर में चोट लगी। वहीं, दूसरे बेटे गुलशन को कोई गंभीर चोट नहीं आई।
घटना के दौरान आसपास के लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत खम्हारडीह थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में छोटे-छोटे विवाद कभी-कभी बड़े झगड़े का रूप ले लेते हैं, जिससे तनाव की स्थिति बन जाती है। इस घटना के बाद क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाने की मांग भी उठ रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय बातचीत से सुलझाने का प्रयास करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। साथ ही, किसी भी प्रकार की हिंसा या धमकी को गंभीर अपराध मानते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि पड़ोसियों के बीच छोटे विवाद भी गंभीर रूप ले सकते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते समझदारी और संवाद के जरिए समाधान करना जरूरी है, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो और किसी को चोट न पहुंचे।

