रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना का आदेश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में नगर निगम, जिला पंचायत, मंत्रालय और राज्य के महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थापना में बदलाव किया गया है।
सरकार की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर वर्तमान पद से कार्यमुक्त होकर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारियों को नए पद पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद इसकी पालन रिपोर्ट विभाग को भेजनी होगी।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
ताजा तबादला आदेश के अनुसार देवनारायण कश्यप, जो राप्रसे 2010 बैच के अधिकारी हैं, को नगर पालिक निगम अंबिकापुर के आयुक्त पद से स्थानांतरित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में उप सचिव बनाया गया है।
इसी तरह चित्रकांत चाली ठाकुर, राप्रसे 2014, जो अपर कलेक्टर कोण्डागांव के पद पर कार्यरत थे, उन्हें जिला पंचायत नारायणपुर का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
दिप्ती गौते, राप्रसे 2014, जो अपर कलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा के पद पर थीं, को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर में परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी दी गई है।
गुड्डू लाल जगत, राप्रसे 2014, को अपर कलेक्टर बेमेतरा के पद से स्थानांतरित कर छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग में उप सचिव पदस्थ किया गया है।
वहीं विनय कुमार अग्रवाल, राप्रसे 2015, जो जिला पंचायत नारायणपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उन्हें नगर पालिक निगम अंबिकापुर का नया आयुक्त बनाया गया है।
डॉ. ऋतु वर्मा, राप्रसे 2015, जो सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत हैं, को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। साथ ही उन्हें दिए गए कुछ अन्य अतिरिक्त प्रभारों से मुक्त किया गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव क्यों अहम?
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अलग-अलग विभागों और जिलों में अधिकारियों की नई जिम्मेदारी तय होने से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कामकाज में बदलाव देखने को मिल सकता है।
खास तौर पर नगर निगम और जिला पंचायत जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में अधिकारियों की नई पदस्थापना का सीधा असर स्थानीय स्तर के प्रशासन पर पड़ता है। नगर निगमों में विकास कार्य, साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, राजस्व वसूली और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य आयुक्त स्तर के अधिकारियों की निगरानी में संचालित होते हैं।
इसी तरह जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ग्रामीण विकास योजनाओं, पंचायत स्तर के कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
लोक सेवा आयोग में भी बदली जिम्मेदारी
ताजा तबादला आदेश में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से जुड़ी जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। दिप्ती गौते को परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया है, जबकि डॉ. ऋतु वर्मा को परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
ऐसे समय में जब प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर पारदर्शिता और समयबद्धता महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, परीक्षा संचालन से जुड़े पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।
अंबिकापुर नगर निगम में भी बदलाव
अंबिकापुर नगर निगम में भी प्रशासनिक बदलाव किया गया है। पहले आयुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे देवनारायण कश्यप को मंत्रालय में नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि जिला पंचायत नारायणपुर के CEO विनय कुमार अग्रवाल को अंबिकापुर नगर निगम आयुक्त बनाया गया है।
अंबिकापुर नगर निगम सरगुजा क्षेत्र का महत्वपूर्ण शहरी निकाय है। ऐसे में नए आयुक्त के सामने शहर से जुड़े विकास और नागरिक सुविधाओं के कई महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
अधिकारियों को 10 दिन के भीतर ज्वाइन करना होगा
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के मुताबिक स्थानांतरित अधिकारियों को आदेश जारी होने के 10 दिनों के भीतर वर्तमान पदस्थापना से अनिवार्य रूप से कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। इसके बाद अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने की पालन रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजनी होगी।
इससे साफ है कि सरकार चाहती है कि तबादले के बाद नई पदस्थापनाओं में अनावश्यक देरी न हो और अधिकारी जल्द से जल्द अपने नए दायित्व संभालें।
प्रशासनिक कामकाज में आएगी नई गति
सरकार की ओर से समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाएं की जाती हैं। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना, अधिकारियों की विशेषज्ञता का बेहतर इस्तेमाल करना और विभिन्न विभागों में काम की गति बढ़ाना होता है।
इस बार भी अधिकारियों को मंत्रालय, नगर निगम, जिला पंचायत और लोक सेवा आयोग जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। आने वाले दिनों में इन पदस्थापनाओं का असर संबंधित विभागों और जिलों के प्रशासनिक कामकाज में दिखाई देगा।
फिलहाल आदेश जारी होने के बाद सभी संबंधित अधिकारियों के सामने नई जिम्मेदारियों को संभालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि नई पदस्थापनाओं के बाद संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन में किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं।

