बिलासपुर-कटनी रेलमार्ग पर भनवारटंक टनल के भीतर उस समय रोमांचक स्थिति बन गई, जब रेलवे ट्रैक पर एक तेंदुआ दौड़ता हुआ नजर आया। ट्रेन के सामने अचानक वन्यजीव को देखकर चालक दल सतर्क हो गया और ट्रेन की रफ्तार कम कर दी गई। इस दौरान ट्रेन में मौजूद गार्ड ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में तेंदुआ रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे दौड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
घटना छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से जुड़े भनवारटंक क्षेत्र की बताई जा रही है। यह इलाका घने जंगलों और वन्यजीवों की मौजूदगी के लिए जाना जाता है। बिलासपुर-कटनी रेललाइन का यह हिस्सा जंगल और पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसी वजह से कई बार जंगली जानवर रेलवे ट्रैक के आसपास दिखाई देते हैं।
बिलासपुर-कटनी रेलमार्ग की भनवारटंक टनल में पटरी पर दौड़ता तेंदुआ का शावक नजर आया। गार्ड ने वीडियो बनाया और तेंदुए के बच्चे को बचाने ट्रेन की रफ्तार कम की गई। pic.twitter.com/1nem4GhPdo
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) August 27, 2026
बताया जा रहा है कि ट्रेन भनवारटंक टनल से गुजर रही थी। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पर अचानक एक तेंदुआ दिखाई दिया। ट्रेन की रोशनी पड़ने के बाद तेंदुआ आगे की ओर दौड़ने लगा। चालक दल ने स्थिति को समझते हुए तत्काल ट्रेन की गति कम कर दी। इससे तेंदुए को ट्रैक से सुरक्षित बाहर निकलने का मौका मिल गया।
घटना के दौरान ट्रेन और तेंदुए के बीच दूरी बनाए रखने की कोशिश की गई। तेंदुआ कुछ समय तक रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे दौड़ता रहा। ट्रेन की गति कम होने के कारण उसके ऊपर किसी तरह का दबाव नहीं पड़ा और वह आगे जाकर जंगल की ओर निकल गया। इस पूरे घटनाक्रम को ट्रेन के गार्ड ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया।
वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि सुरंग के अंधेरे हिस्से में ट्रेन की रोशनी के बीच एक वन्यजीव रेलवे ट्रैक पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीछे से ट्रेन भी धीमी गति से आगे बढ़ रही है। कुछ समय बाद तेंदुआ ट्रैक से हटकर सुरक्षित दिशा में चला जाता है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
भनवारटंक और आसपास का क्षेत्र वन्यजीवों के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। यहां घने जंगल होने के कारण तेंदुआ, भालू सहित कई अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। जंगल से गुजरने वाली रेलवे लाइन पर कई बार वन्यजीवों के आने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में रेलवे ट्रैक पर वन्यजीव दिखाई देने के बाद ट्रेन की गति कम करना उनकी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि तेंदुआ ट्रेन की चपेट में नहीं आया। यदि ट्रेन सामान्य रफ्तार से चल रही होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। चालक दल की सतर्कता के कारण वन्यजीव को सुरक्षित निकलने का अवसर मिला। इससे रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता भी सामने आती है।
घटना के बाद वन विभाग और रेलवे से जुड़े अधिकारियों को भी इसकी जानकारी होने की बात सामने आई है। हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे तेंदुए की उम्र और उसकी वास्तविक स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में इसे तेंदुए का शावक बताया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में केवल तेंदुआ होने की जानकारी दी गई है। आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट होना बाकी है कि वीडियो में दिखाई देने वाला वन्यजीव वयस्क तेंदुआ है या शावक।
विशेषज्ञों के मुताबिक जंगल से गुजरने वाले रेलवे मार्गों पर वन्यजीवों की मौजूदगी को देखते हुए ट्रेन चालकों और कर्मचारियों की सतर्कता बेहद जरूरी होती है। खासकर रात के समय जब जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में अपने प्राकृतिक क्षेत्र से निकलकर रेलवे ट्रैक तक पहुंच जाते हैं, तब तेज गति से चलने वाली ट्रेनों से उनके लिए खतरा बढ़ जाता है।
भनवारटंक टनल में सामने आई यह घटना भी इसी संवेदनशीलता को उजागर करती है। ट्रेन के सामने तेंदुए के आ जाने के बाद चालक दल ने जल्दबाजी के बजाय सावधानी बरती और ट्रेन की गति कम की। इससे न केवल एक वन्यजीव की जान बची, बल्कि ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों की सुरक्षा भी बनी रही।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता की सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जंगल और वन्यजीव क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों में ऐसी परिस्थितियों के लिए विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
भनवारटंक क्षेत्र में पहले भी वन्यजीवों की आवाजाही चर्चा का विषय रही है। जंगल के बीच से गुजरने वाली रेललाइन वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन वाले क्षेत्रों को प्रभावित करती है। ऐसे में रेलवे और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय तथा संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाना जरूरी माना जाता है।
फिलहाल इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या ट्रेन को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई है। तेंदुआ भी सुरक्षित रूप से रेलवे ट्रैक से हटकर जंगल की ओर चला गया। वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह दिखाया है कि जंगल से गुजरने वाले रेलमार्गों पर इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा का ध्यान रखना कितना जरूरी है।

