बिलासपुर। CG NEWS : केंद्रीय जेल में बंद एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 15 अक्टूबर को उसने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद जेल में बंदियों की सुरक्षा और उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है…
बिलासपुर में महिला बंदी की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, तोरवा पुलिस ने 10 अक्टूबर को सतबहनियां मंदिर क्षेत्र निवासी नीसा ध्रुव और उनके पति गोपी ध्रुव को छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया था। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद दोनों को केंद्रीय जेल भेज दिया गया था। बताया जा रहा है कि 14 अक्टूबर को नीसा ध्रुव की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत को देखते हुए अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। यहां उपचार के दौरान 15 अक्टूबर को महिला की मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया…

महिला बंदी की मौत के बाद अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। सिविल लाइन पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। वहीं, केंद्रीय जेल में पहले भी कैदी की हत्या और एक अन्य कैदी की आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में महिला बंदी की मौत के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की निगरानी और समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, महिला की मौत के पीछे किसी तरह की लापरवाही थी या नहीं, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा…..

