बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के कथित आबकारी घोटाले से जुड़े मामलों में दो बड़े आरोपियों को हाई कोर्ट से राहत मिली है… प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और भारतीय दूरसंचार सेवा के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी को अलग-अलग मामलों में जमानत मिल गई है… रामगोपाल अग्रवाल को ईडी द्वारा दर्ज आबकारी घोटाला मामले में जमानत मिली है, जबकि अरुणपति त्रिपाठी को आबकारी विभाग से जुड़े 172 करोड़ रुपये के कथित मनपावर भुगतान घोटाले में राहत मिली है… हालांकि, ईडी मामले में जमानत मिलने के बावजूद रामगोपाल अग्रवाल की जेल से तत्काल रिहाई नहीं होगी, क्योंकि उनके खिलाफ अन्य मामलों में जमानत की प्रक्रिया अभी लंबित है.
बिलासपुर हाई कोर्ट में दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई… प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता हर्षदीप खुराना और शशांक मिश्रा ने पक्ष रखा… अदालत ने ईडी के आबकारी घोटाला प्रकरण में उनकी जमानत मंजूर कर ली… हालांकि, दूसरे मामलों में हिरासत के चलते उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा.

वहीं भारतीय दूरसंचार सेवा के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी की जमानत याचिका पर जस्टिस एके प्रसाद की एकलपीठ में सुनवाई हुई… त्रिपाठी पर आबकारी विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम में जिम्मेदारी संभालने के दौरान मनपावर एजेंसियों के माध्यम से ओवरटाइम और अन्य मदों में कथित अनियमित भुगतान का आरोप है… जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस मामले में करीब 172 करोड़ रुपये की भुगतान अनियमितता सामने आई थी… अदालत ने उन्हें भी जमानत दे दी है. फिलहाल, दोनों आरोपियों को अलग-अलग मामलों में हाई कोर्ट से राहत जरूर मिली है, लेकिन जमानत को आरोपों से दोषमुक्ति नहीं माना जाएगा… मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.

