गिरीश गुप्ता गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रविवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश के कारण बगनई नदी अचानक उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से विजयपाल गांव के पास निर्माणाधीन पुलिया के नीचे अस्थायी झोपड़ियों में रह रहे 14 मजदूर बाढ़ के बीच फंस गए। सूचना मिलते ही छुरा पुलिस और महासमुंद की SDRF टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 4 बजे लगातार बारिश के चलते बगनई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। विजयपाल गांव के पास निर्माणाधीन पुलिया में कार्यरत मजदूर पुल के नीचे अस्थायी झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। सभी मजदूर गहरी नींद में थे, इसलिए उन्हें पानी बढ़ने का समय पर अंदाजा नहीं लग सका। देखते ही देखते चारों ओर बाढ़ का पानी भर गया और वे नदी के बीच फंस गए।
घटना की सूचना ग्रामीणों ने तत्काल थाना छुरा को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक ज्ञानेश्वर सिंह गंगवाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं महासमुंद से नगर सेना की SDRF टीम को भी तत्काल रवाना किया गया। मौके पर पहुंची टीम ने स्थिति का जायजा लेने के बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

नदी में तेज बहाव और लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच रेस्क्यू टीम ने पूरी सतर्कता के साथ एक-एक कर सभी 14 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। अभियान के दौरान सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए। काफी मशक्कत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय पर सूचना मिलने और पुलिस व SDRF की त्वरित कार्रवाई के कारण सभी लोगों की जान बचाई जा सकी। प्रशासन ने बारिश के मौसम में नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
इस सफल रेस्क्यू अभियान के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस और SDRF की टीम की तत्परता एवं साहस की सराहना की। समय रहते की गई कार्रवाई ने 14 लोगों की जान बचाकर एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।

