रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप के कार्यालय में पिछले करीब ढाई वर्षों के दौरान लगातार अधिकारियों के बदलाव का सिलसिला जारी है। मंत्री के कार्यकाल में अब तक विशेष कार्याधिकारी (OSD) और विशेष सहायक स्तर पर पांच अधिकारियों को बदला जा चुका है। हाल ही में जारी आदेश के तहत विशेष सहायक प्रदीप कुमार वैद्य को प्रतिनियुक्ति पर उच्च शिक्षा विभाग भेज दिया गया है। उनके स्थान पर अब तक किसी नए विशेष सहायक की नियुक्ति नहीं की गई है।
मंत्री कार्यालय में लगातार हो रहे इन बदलावों को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, हालिया बदलाव के पीछे कार्यकर्ताओं की शिकायतों के समय पर निराकरण नहीं होने और अपेक्षित समन्वय की कमी जैसे कारण बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में सरकार या मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार, प्रदीप कुमार वैद्य को हटाए जाने के पीछे उनके पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी कारणों की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि परिवार के कुछ सदस्य स्वास्थ्य समस्याओं से गुजर रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने वर्तमान जिम्मेदारियों से मुक्त होने की इच्छा जताई थी।
भाजपा सरकार बनने के बाद जब केदार कश्यप ने मंत्री पद संभाला था, तब सबसे पहले सुनील तिवारी को यह जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में विभिन्न कारणों और शिकायतों के चलते उन्हें हटाकर मूल विभाग भेज दिया गया। इसके बाद के.एन. काण्डे को अतिरिक्त प्रभार दिया गया। बाद में कुछ समय के लिए जितेंद्र गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके बाद तोषीरज अग्रवाल ने यह दायित्व संभाला, लेकिन आईएएस पद पर पदोन्नति होने के बाद उन्हें यह पद छोड़ना पड़ा।
इसके बाद शैलेश साहू को विशेष सहायक बनाया गया। वे वन विभाग से जुड़े कार्य देख रहे थे, जबकि प्रदीप कुमार वैद्य परिवहन विभाग से संबंधित जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। अब उनके प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद विशेष सहायक का पद फिलहाल रिक्त है।
लगातार हो रहे इन प्रशासनिक बदलावों ने मंत्री कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। हालांकि, सरकार की ओर से इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है। वहीं, नई नियुक्ति को लेकर भी जल्द निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।

