भरत सिंह चौहान, जांजगीर-चांपा। CG News : जिले के नगरदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कचन्दा ग्राम पंचायत में सिंचाई की मुख्य माइनर नहर के टूटने से गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। नहर के किनारे फटने के कारण पानी खेतों में बह रहा है, जिससे गांव के तालाबों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे किसानों की फसलें और गांव की जलापूर्ति पर गहरा असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा बार-बार शिकायत करने पर भी विभागीय अधिकारियों का रवैया बेहद लापरवाह बताया जा रहा है। एक ग्रामीण ने बताया कि जब समस्या बताई गई तो एक अधिकारी ने कहा, मेरा काम सिर्फ पानी छोड़ना है, नहर टूटे-फूटे होने से मुझे कोई मतलब नहीं। किसी के पास शिकायत करो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
ऐसे में ग्रामीणों ने हताश होकर खुद ही कार्रवाई का निर्णय लिया। स्थानीय किसान और गांववासी हाथों-हाथ मिट्टी, बोरे, बालू और अन्य उपलब्ध सामग्री से टूटी नहर को अस्थायी रूप से बंद करने की कोशिश कर रहे हैं। वे दिन-रात मेहनत कर पानी के बहाव को रोकने और तालाबों तक पानी पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि सिंचाई और पशुओं-पक्षियों की पानी की जरूरत पूरी हो सके।
यह घटना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में सिंचाई व्यवस्था की बदहाली को एक बार फिर उजागर कर रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द विभाग द्वारा स्थायी मरम्मत की जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।


