रायपुर/पहलगाम (जम्मू-कश्मीर)। CG NEWS: सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को संसद की प्राक्कलन समिति (Estimates Committee) की अध्ययन यात्रा के दूसरे एवं अंतिम दिन पहलगाम में देश के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के विकास को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मजबूती, डिजिटल कनेक्टिविटी और सड़क नेटवर्क के विस्तार पर गहन चर्चा की गई। समिति के सदस्य और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विकास की मुख्यधारा को देश के अंतिम छोर तक पहुंचाने के संकल्प को दोहराया।

बैठक के पहले सत्र में पहाड़ी क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी की चुनौतियों पर संचार मंत्रालय, भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि भौगोलिक विषमताओं के बावजूद दूरस्थ गांवों तक मजबूत डिजिटल सिग्नल सुनिश्चित करना अनिवार्य है। उन्होंने मोबाइल टावरों की संख्या बढ़ाने और सैटेलाइट कनेक्टिविटी जैसे विकल्पों का उपयोग कर कनेक्टिविटी की बाधाओं को दूर करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जब तक डिजिटल कनेक्टिविटी सुदृढ़ नहीं होगी, तब तक शिक्षा, स्वास्थ्य और बैंकिंग जैसी सरकारी सेवाओं का लाभ हर नागरिक तक समान रूप से नहीं पहुंच सकता।

बैठक के दूसरे सत्र में देश के पहाड़ी राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और NHIDCL के अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा हुई। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क केवल आवागमन को सुगम ही नहीं बनाता, बल्कि यह क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करता है। पर्यटन और स्थानीय व्यापार के फलने-फूलने के लिए मजबूत सड़कों का होना प्राथमिक शर्त है। बैठक में सड़कों के निर्माण में पर्यावरणीय सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का संतुलन बनाने तथा सड़क परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस दो दिवसीय अध्ययन यात्रा को अत्यंत सफल बताते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के समग्र विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार, संबंधित मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन के बीच यह संवाद मील का पत्थर साबित होगा। हमारा लक्ष्य है कि देश का कोई भी हिस्सा विकास की दौड़ में पीछे न छूटे।

