अंतागढ़। CG NEWS : अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने अब जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। अंतागढ़ जिला निर्माण समिति के नेतृत्व में धरना स्थल पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रावघाट, अंतागढ़, कोयलीबेड़ा, आमाबेड़ा और बंडापाल क्षेत्र के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। बैठक में सभी प्रमुखों ने एक स्वर में अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग का समर्थन करते हुए इसके लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

गौरतलब है कि अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर पिछले 11 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है। इस दौरान क्षेत्रवासी अपनी मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसी कड़ी में आयोजित बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई और सभी क्षेत्रों के लोगों को एक मंच पर लाकर आंदोलन को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी।
*अंतागढ़ को जिला बनाने के लिए एकजुट होकर करेंगे संघर्ष*
बैठक में शामिल सभी क्षेत्रीय प्रमुखों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर अब सभी क्षेत्रवासी मिलकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक क्षेत्र की मांग नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए इस मांग को पूरा कराने के लिए सभी को एकजुट होकर आगे आना होगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि अंतागढ़ के स्थान पर किसी अन्य क्षेत्र को जिला बनाया जाता है, तो इसका समर्थन नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय प्रमुखों ने कहा कि अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा और मांग पूरी होने तक आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
*जल्द होगी बड़ी सभा, रैली निकालकर सौंपेंगे ज्ञापन*
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में अंतागढ़ में क्षेत्रवासियों की एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी। सभा के बाद रैली निकालकर संबंधित प्रशासनिक एवं शासन स्तर के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके माध्यम से अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा और शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जाएगा।
बैठक में शामिल प्रमुखों ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके बावजूद यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और अंतागढ़ को जिला बनाने के संबंध में कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज करते हुए उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
आंदोलन को मजबूत करने पर जोर
बैठक में क्षेत्र के सभी प्रमुखों ने आपसी एकजुटता बनाए रखने और अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ने पर जोर दिया। उनका कहना था कि अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को मजबूती से उठाने के लिए सभी क्षेत्रों के लोगों का सहयोग और सहभागिता आवश्यक है।
बैठक में बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रमुख लोग उपस्थित रहे। बैठक के बाद अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर आंदोलन को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक क्षेत्रवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
अब सभी की निगाहें आगामी बड़ी सभा, रैली और ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर शासन गंभीरता से विचार करेगा और अंतागढ़ को जिला बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी।


