गरियाबंद, 2 अक्टूबर 2026। गांधी जयंती के अवसर पर गरियाबंद में सेवा संकल्प अभियान का संदेश इस बार साइकिल के पहियों के साथ जन-जन तक पहुंचा। जिला स्तरीय साइकिल रैली में कलेक्टर रणबीर शर्मा खुद साइकिल लेकर मैदान में उतरे और करीब 20 किलोमीटर तक साइकिल चलाते हुए प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। सुबह-सुबह कलेक्टोरेट से शुरू हुई यह रैली वन क्षेत्र से गुजरते हुए ग्राम जोबा तक पहुंची।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित साइकिल रैली में कलेक्टर रणबीर शर्मा के साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर, पंकज डाहिरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करण उइके, एसडीएम हितेश्वरी बाघे सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि और विभिन्न वर्गों के नागरिक शामिल हुए। सभी ने पूरे उत्साह के साथ साइकिल चलाकर सेवा संकल्प अभियान के संदेश को आगे बढ़ाया।
कलेक्टर ने खुद संभाली कमान, पूरे रास्ते दिखा उत्साह
सुबह 7 बजे कलेक्टोरेट परिसर से शुरू हुई रैली करीब 20 किलोमीटर का सफर तय कर ग्राम जोबा पहुंची। खास बात यह रही कि कलेक्टर रणबीर शर्मा केवल रैली को रवाना करने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि खुद साइकिल चलाकर पूरे अभियान में सहभागी बने। उनके साथ अधिकारियों और नागरिकों ने भी पूरे जोश के साथ साइकिलिंग की।
कलेक्टोरेट से जोबा तक का रास्ता वन क्षेत्र और हरियाली के बीच से होकर गुजरता है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे इस मार्ग पर साइकिल चलाते हुए प्रतिभागियों ने फिटनेस के साथ प्रकृति का भी आनंद लिया। पूरे सफर में अनुशासन, खेल भावना और सामूहिक सहभागिता देखने को मिली।
इस अवसर पर कलेक्टर रणबीर शर्मा ने साइकिलिंग को स्वास्थ्य और फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए कहा कि नियमित साइकिलिंग स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध साइकिलिंग प्रतियोगिता ‘टूर डी फ्रांस’ का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया भर में साइकिलिंग के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि गरियाबंद से जोबा तक का प्राकृतिक वातावरण से घिरा मार्ग साइकिलिंग के लिए अनुकूल है। इस मार्ग पर साइकिल चलाना प्रतिभागियों के लिए स्वास्थ्य, फिटनेस और प्रकृति के बीच एक यादगार अनुभव रहा।
गांधी जयंती पर आयोजित यह साइकिल रैली सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वस्थ जीवन, फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक सहभागिता का संदेश देने वाली प्रभावी पहल बनी।


