रायपुर/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में सिलसिलेवार हत्या के एक सनसनीखेज मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी पर शराब में जहर मिलाकर 8 लोगों की हत्या करने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर आरोपी ने इंसानों को निशाना बनाने से पहले जहर के असर की जांच अपने पालतू कुत्ते पर की थी। इसी वजह से इस मामले को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से अपने परिचित लोगों को शराब पीने के लिए बुलाता था। आरोप है कि वह शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर उन्हें पिलाता था। शराब पीने के कुछ समय बाद पीड़ितों की तबीयत बिगड़ जाती और बाद में उनकी मौत हो जाती। शुरुआत में इन मौतों को सामान्य या संदिग्ध माना गया, लेकिन लगातार एक जैसे मामलों के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज की।
कुत्ते पर किया था जहर का परीक्षण
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी ने कथित तौर पर पहले अपने पालतू कुत्ते को जहरीला पदार्थ देकर उसकी प्रतिक्रिया देखी थी। जब जहर के असर की पुष्टि हो गई, तब उसने उसी तरीके का इस्तेमाल लोगों को निशाना बनाने के लिए किया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
कैसे खुला मामला?
लगातार हो रही संदिग्ध मौतों के बाद पुलिस ने सभी मामलों के बीच समानता तलाशनी शुरू की। जांच में पाया गया कि कई मृतक आखिरी बार आरोपी के संपर्क में देखे गए थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए। मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस क्या कह रही है?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है। मामले में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि सभी मौतें एक ही साजिश का हिस्सा थीं या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही पुलिस विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेगी।
इलाके में दहशत
इस मामले के सामने आने के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने का इंतजार करें।
जांच जारी
पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह छत्तीसगढ़ के सबसे सनसनीखेज हत्या मामलों में से एक माना जाएगा। अदालत में आरोप सिद्ध होने तक आरोपी को कानून की नजर में दोषी नहीं माना जाता।

