बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम कन्या शाला में बच्चों को परोसे गए मध्यान्ह भोजन में डामर जैसी दिखने वाली एक संदिग्ध गोली मिलने से हड़कंप मच गया। भोजन करने के बाद कई बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मिड-डे मील में मिली संदिग्ध गोली
जानकारी के मुताबिक, स्कूल में रोज की तरह बच्चों को मध्यान्ह भोजन परोसा गया था। इसी दौरान भोजन में डामर जैसी दिखने वाली संदिग्ध वस्तु मिलने की बात सामने आई। इस घटना के बाद स्कूल में मौजूद बच्चों और स्टाफ के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोजन की गुणवत्ता और उसमें मिली संदिग्ध वस्तु को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह वस्तु वास्तव में क्या थी और भोजन में किस तरह पहुंची।
खाना खाने के बाद बच्चों को हुआ पेट दर्द
मध्यान्ह भोजन करने के बाद कई बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की। बच्चों की तबीयत को देखते हुए उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार डॉक्टरों की निगरानी में बच्चों का उपचार जारी है और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
इस घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और उसकी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल
मिड-डे मील योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। ऐसे में भोजन में डामर जैसी संदिग्ध वस्तु मिलने की घटना ने भोजन की तैयारी से लेकर उसे बच्चों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि भोजन तैयार करते समय सामग्री की जांच कैसे की गई और खाना परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर हुई। यदि भोजन में कोई बाहरी या संदिग्ध वस्तु मिली है, तो उसकी पहचान और उसके स्रोत का पता लगाना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन में भी हलचल बढ़ गई है। अधिकारियों की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संदिग्ध गोली किस पदार्थ की बनी थी और बच्चों की तबीयत खराब होने का सीधा संबंध उसी वस्तु से है या नहीं।
इसकी पुष्टि जांच और आवश्यक खाद्य नमूनों की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। प्रशासनिक स्तर पर जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
अभिभावकों में बढ़ी चिंता
स्कूल में बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन को लेकर सामने आई इस घटना के बाद अभिभावकों की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है। अभिभावक चाहते हैं कि स्कूलों में मिलने वाले मध्यान्ह भोजन की नियमित जांच हो और भोजन तैयार करने तथा परोसने की प्रक्रिया में निर्धारित सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
फिलहाल बच्चों का अस्पताल में उपचार जारी है। संदिग्ध वस्तु की वास्तविक पहचान और बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

