पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां पुलिस विभाग के ही एक कांस्टेबल ने कथित तौर पर शराब के नशे में पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के सरकारी बंगले के मुख्य गेट पर अपनी कार से जोरदार टक्कर मार दी। घटना मंगलवार, 3 नवंबर 2026 की शाम की बताई जा रही है। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बंगले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी कांस्टेबल को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को कार से कुचलने की भी कथित कोशिश की। इस मामले में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस कमिश्नर के बंगले के गेट पर मारी टक्कर
जानकारी के अनुसार, घटना पुणे के छावनी इलाके में स्थित पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के सरकारी आवास पर हुई। मंगलवार शाम एक पुलिस कांस्टेबल अपनी कार लेकर वहां पहुंचा।आरोप है कि उसने मुख्य प्रवेश द्वार पर कार से टक्कर मार दी और जबरन बंगले के परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की।अचानक हुई इस घटना से वहां तैनात सुरक्षाकर्मी सतर्क हो गए। उन्होंने आरोपी को आगे बढ़ने से रोका और तत्काल उसे हिरासत में ले लिया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के समय कांस्टेबल कार में अकेला था। गनीमत रही कि किसी सुरक्षाकर्मी या अन्य व्यक्ति को चोट नहीं आई।
आरोपी कांस्टेबल की हुई पहचान
पुलिस ने आरोपी की पहचान 42 वर्षीय अमोल भिसे के रूप में की है। वह पुणे शहर पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने सरकारी आवास में जबरन प्रवेश करने का प्रयास किया था।सुरक्षाकर्मियों ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो उसने कथित तौर पर कार उनकी ओर बढ़ाई। इसी कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।घटना को लेकर कोरेगांव पार्क पुलिस थाने के स्तर पर आगे की जांच की जा रही है।
शराब के नशे में होने का शक
पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कांस्टेबल के शराब के प्रभाव में होने की आशंका है।अधिकारियों के मुताबिक, घटना के दौरान उसका व्यवहार असामान्य था। हालांकि, शराब के सेवन की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।पुलिस आयुक्त ने यह भी बताया कि संबंधित कांस्टेबल के खिलाफ पहले से अनुशासन संबंधी शिकायतें रही हैं।अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि उसने इस तरह की घटना को क्यों अंजाम दिया और इसके पीछे क्या कारण थे।
मनचाही पोस्टिंग नहीं मिलने से था नाराज?
कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आरोपी कांस्टेबल अपनी इच्छित पोस्टिंग या तबादला नहीं होने से नाराज था।बताया जा रहा है कि इसी नाराजगी के चलते उसने पुलिस आयुक्त के सरकारी आवास पर पहुंचकर हंगामा किया।हालांकि, पुलिस की ओर से घटना का यही निश्चित कारण होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।जांच अधिकारी आरोपी के व्यवहार, उसकी विभागीय पृष्ठभूमि और घटना से पहले की परिस्थितियों की पड़ताल कर रहे हैं।ऐसे में पोस्टिंग को लेकर नाराजगी की बात फिलहाल प्रारंभिक जानकारी और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है।
पहले भी हो चुका था निलंबित
पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के अनुसार, आरोपी कांस्टेबल का विभागीय रिकॉर्ड पहले भी विवादों में रहा है।उसे वर्ष 2025 में निलंबित किया गया था। इसके बाद 2026 में उसकी सेवा बहाल कर दी गई थी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी अनुशासनहीनता से संबंधित मामले सामने आए थे।हालांकि, उसके पुराने निलंबन और सेवा बहाली के विस्तृत कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।इस घटना के बाद आरोपी की पिछली विभागीय गतिविधियों और आचरण की भी समीक्षा की जा सकती है।
सुरक्षाकर्मियों को कुचलने की कोशिश का आरोप
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू बंगले के प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को कार से टक्कर मारने की कथित कोशिश है।पुलिस के मुताबिक, सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को परिसर में आगे जाने से रोका था। इसके बावजूद उसने कार आगे बढ़ाने का प्रयास किया।इस संबंध में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।पुलिस अब घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपी की मंशा क्या थी और घटना किस परिस्थिति में हुई।
आरोपी की मानसिक स्थिति को लेकर भी जांच
पुलिस आयुक्त ने आरोपी कांस्टेबल की मानसिक स्थिति अस्थिर होने की आशंका भी जताई है।हालांकि, किसी व्यक्ति की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी स्थिति का अंतिम निष्कर्ष चिकित्सकीय मूल्यांकन के आधार पर ही निकाला जा सकता है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के व्यवहार से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों को लेकर सभी उपलब्ध जानकारी का परीक्षण किया जाएगा।
सरकारी आवास की सुरक्षा पर उठे सवाल
पुलिस आयुक्त के सरकारी आवास पर इस तरह की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के आवास में वाहन से जबरन प्रवेश करने का प्रयास गंभीर सुरक्षा संबंधी मामला माना जाता है।हालांकि, इस घटना में सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के कारण आरोपी को परिसर में आगे बढ़ने से रोक दिया गया।अब यह भी जांच का विषय है कि आरोपी किस उद्देश्य से वहां पहुंचा था और क्या उसने पहले से इस घटना की योजना बनाई थी।
पुलिस ने शुरू की आगे की कार्रवाई
घटना के बाद आरोपी कांस्टेबल को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है।फिलहाल घटना में किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन पुलिस आयुक्त के सरकारी बंगले पर एक पुलिसकर्मी द्वारा ही कार से टक्कर मारने के आरोप ने इस मामले को गंभीर बना दिया है।

