रांची: रांची रेलवे स्टेशन के पार्किंग और सर्कुलेटिंग एरिया में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों और कुछ ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के बीच विवाद के बाद पथराव की घटना सामने आई है। इसमें दो आरपीएफ जवान घायल हुए हैं। एक जवान की बाईं कलाई में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि दूसरे की पीठ पर चोट लगी है। दोनों को उपचार के लिए रांची के गुरु नानक अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में लियोनी राय नामक एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। घटना को लेकर चुटिया थाना पुलिस जांच कर रही है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार, 13 अक्टूबर की तड़के करीब तीन बजे हुई। आरपीएफ पोस्ट रांची के पोस्ट कमांडर सह निरीक्षक शिशुपाल कुमार अन्य अधिकारियों और जवानों के साथ स्टेशन परिसर में गश्त कर रहे थे। टीम रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग क्षेत्र में मौजूद थी। आरपीएफ की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, गश्त का उद्देश्य परिसर में अवांछित गतिविधियों को रोकना और कानून व्यवस्था बनाए रखना था। इसी दौरान पार्किंग क्षेत्र में मौजूद कुछ लोगों से जवानों का विवाद शुरू हुआ।
आरपीएफ के आवेदन में कहा गया है कि पार्किंग क्षेत्र में करीब पांच से छह ट्रांसजेंडर व्यक्ति मौजूद थे। जवानों ने उनकी गतिविधियों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें वहां से हटने और शांति बनाए रखने का निर्देश दिया। शिकायत के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों ने निर्देश मानने से इनकार किया। इसके बाद बातचीत बहस में बदल गई। आरपीएफ अधिकारियों का आरोप है कि वहां मौजूद कुछ लोगों ने जवानों के अधिकार पर सवाल उठाए और आक्रामक व्यवहार किया। ये आरोप आरपीएफ की ओर से दिए गए आवेदन में दर्ज हैं।
शिकायत के मुताबिक, जवानों ने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हुआ। आरपीएफ ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्तियों ने अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद जवानों के साथ उलझने का घटनाक्रम आगे बढ़ा। हालात बिगड़ते देख स्टेशन और सर्कुलेटिंग एरिया में तैनात अतिरिक्त आरपीएफ अधिकारियों तथा जवानों को बुलाया गया। आवेदन में विवाद के इसी क्रम के दौरान पथराव होने की बात कही गई है।
आरपीएफ का आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने अधिकारियों और जवानों की ओर पत्थर फेंके। इस दौरान आरक्षी केके महतो की बाईं कलाई पर चोट लगी और उसमें फ्रैक्चर हो गया। प्रधान आरक्षी संतोष कुमार की पीठ पर भी पत्थर लगा। दोनों जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया। सामने आए विवरण में घायल जवानों के नाम और चोटों की जानकारी दी गई है। हालांकि, उनके उपचार की अवधि और अस्पताल से छुट्टी मिलने के संबंध में आगे की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
घटना के संबंध में आरपीएफ पोस्ट कमांडर शिशुपाल कुमार ने चुटिया थाना पुलिस को लिखित आवेदन दिया। इसमें जवानों से विवाद, कथित पथराव और ड्यूटी के दौरान बाधा उत्पन्न होने का उल्लेख किया गया है। आवेदन के साथ घायल जवानों की मेडिकल रिपोर्ट संलग्न किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। आरपीएफ ने लियोनी राय और घटना में शामिल अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जांच तथा कार्रवाई का अनुरोध किया है। पुलिस को घटना की सूचना फोन पर भी दिए जाने की बात आवेदन में कही गई है।
चुटिया थाना प्रभारी पूनम कुजूर ने आरपीएफ की ओर से लिखित आवेदन मिलने और उसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान लियोनी राय के रूप में हुई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, लियोनी रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र का निवासी है। मामले में फिलहाल हिरासत और पूछताछ की जानकारी सामने आई है।
आरपीएफ की शिकायत में यह भी कहा गया है कि पथराव और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जवानों ने आत्मरक्षा तथा हालात नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम आवश्यक बल का इस्तेमाल किया। बल प्रयोग के संबंध में यह आरपीएफ का पक्ष है। वहीं, घटना में शामिल बताए गए अन्य व्यक्ति मौके से निकल गए। उनकी पहचान का पूरा विवरण तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका। आवेदन में अज्ञात व्यक्तियों का उल्लेख करते हुए उनके संबंध में भी जांच करने की मांग की गई है।
घटना की शुरुआती जानकारी मुख्य रूप से आरपीएफ के आवेदन और पुलिस द्वारा दी गई सूचना पर आधारित है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति अथवा विवाद में शामिल अन्य लोगों का विस्तृत पक्ष उपलब्ध विवरण में सामने नहीं आया है। इसलिए विवाद की शुरुआत, पथराव और बल प्रयोग से जुड़ी बातें संबंधित पक्ष के आरोपों के रूप में ही दर्ज की जा रही हैं। पुलिस की जांच में घटनाक्रम और उसमें शामिल व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल घटना में घायल दोनों जवानों को अस्पताल में भर्ती कराने, एक व्यक्ति को हिरासत में लेने और चुटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी है। आरपीएफ की ओर से दिए गए आवेदन में पार्किंग क्षेत्र से हटने के निर्देश के बाद विवाद बढ़ने का आरोप लगाया गया है। पुलिस इसी शिकायत के आधार पर आगे की जांच कर रही है। अन्य संबंधित व्यक्तियों की पहचान और पूरे घटनाक्रम का विस्तृत विवरण अभी सामने आना बाकी है।

