पुणे। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। उनके निधन और अंतिम संस्कार से जुड़ी खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया और बेटे मल्हार पाटेकर ने मुखाग्नि दी।
फिल्म जगत में शोक की लहर
नाना पाटेकर अपनी दमदार आवाज, बेबाक अंदाज और शानदार अभिनय के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनके अभिनय ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी।
पुणे में अंतिम विदाई
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनके अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों, करीबी लोगों और फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों ने हिस्सा लिया। अंतिम विदाई के दौरान प्रशंसकों ने भी अपने प्रिय अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।
‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ से मिली खास पहचान
नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार फिल्में दीं। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘तिरंगा’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
उनकी संवाद अदायगी और किरदारों में जान डालने की क्षमता ने उन्हें हिंदी सिनेमा के विशिष्ट अभिनेताओं में शामिल किया। गंभीर भूमिकाओं से लेकर हास्य किरदारों तक, उन्होंने अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाया।
सामाजिक कार्यों में भी निभाई अहम भूमिका
नाना पाटेकर अभिनय के अलावा सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे। उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ ‘नाम फाउंडेशन’ की स्थापना की थी। इस संस्था के माध्यम से महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित क्षेत्रों और संकट से जूझ रहे किसानों की मदद के लिए काम किया गया।
सिनेमा जगत के लिए बड़ी क्षति
नाना पाटेकर का अभिनय भारतीय सिनेमा की महत्वपूर्ण विरासत का हिस्सा है। उनके निभाए किरदार और फिल्मों के संवाद लंबे समय तक दर्शकों की यादों में बने रहेंगे।

