गिरीश गुप्ता गरियाबंद। जिले के पाण्डुका थाना क्षेत्र के ग्राम तर्रा में 34 वर्षीय महिला बबीता नवरंगे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला गंभीर हो गया है। अंतिम संस्कार के बाद मायके पक्ष द्वारा मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताए जाने के बाद करीब चार दिन बाद महिला के दफन शव को कब्र से बाहर निकाला गया। तहसीलदार की निगरानी में पुलिस और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में शव बाहर निकाला गया, जिसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार बबीता नवरंगे की मौत 16 और 17 सितंबर की दरमियानी रात हुई थी। मृतका का मायका महासमुंद जिले के मचेवा में बताया गया है, जबकि उसका ससुराल गरियाबंद जिले के ग्राम तर्रा में है। परिजनों के मुताबिक 16 सितंबर को बबीता के भाई प्रदीप बंजारे ने उसे ससुराल में छोड़ा था। इसके कुछ घंटे बाद रात करीब 2 बजे परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिली।
अचानक हुई मौत की सूचना मिलने के बाद मायके पक्ष ने परिस्थितियों पर सवाल उठाए और पुलिस से मामले की जांच की मांग की। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दफन किए गए शव को दोबारा बाहर निकलवाने की प्रक्रिया शुरू की।
मायके पक्ष ने जताई हत्या की आशंका
मायके पक्ष का आरोप है कि बबीता को 16 सितंबर की शाम उसके ससुराल में छोड़ा गया था और कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की जानकारी मिली। परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है।
परिजनों के अनुसार, महिला के मुंह से खून निकलने और कपड़ों पर मल लगे होने की बात भी सामने आई थी। हालांकि इन परिस्थितियों का वास्तविक कारण क्या था, यह पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
9 साल पहले हुई थी शादी, 7 साल की बेटी
परिजनों के मुताबिक बबीता नवरंगे की शादी करीब नौ साल पहले मनोज नवरंगे से हुई थी। दंपती की सात साल की एक बेटी भी है। महिला की मौत के बाद बच्ची के भविष्य को लेकर भी परिवार के सामने चिंता की स्थिति है।
2019 में पति के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
मायके पक्ष की ओर से यह भी बताया गया है कि वर्ष 2019 में मारपीट के मामले को लेकर बबीता के पति मनोज नवरंगे के खिलाफ पाण्डुका थाने में मामला दर्ज हुआ था। हालांकि उस पुराने मामले का वर्तमान मौत की घटना से कोई संबंध है या नहीं, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
अंतिम संस्कार के करीब चार दिन बाद शव को कब्र से बाहर निकालना मामले की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तहसीलदार की निगरानी में पुलिस और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में शव निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच से महिला की मौत के कारणों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पुलिस फिलहाल मायके पक्ष के आरोपों, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
मामले में मौत स्वाभाविक थी, दुर्घटना से हुई या किसी आपराधिक घटना से जुड़ी है—इसका अंतिम निष्कर्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

