बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एयरपोर्ट पर शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रयागराज से बिलासपुर पहुंची एक फ्लाइट के लैंडिंग के दौरान उसका टायर फट गया। विमान के रनवे पर उतरते समय टायर फटने की घटना सामने आने के बाद एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित कर लिया गया और यात्रियों को किसी तरह की गंभीर चोट नहीं आई।
यह घटना बिलासपुर के बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट पर हुई। बिलासपुर एयरपोर्ट से प्रयागराज के लिए नियमित विमान सेवा संचालित होती है। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध उड़ान कार्यक्रम के अनुसार प्रयागराज-बिलासपुर सेक्टर की उड़ान सप्ताह के निर्धारित दिनों में संचालित होती है।
लैंडिंग के वक्त अचानक फटा विमान का टायर
जानकारी के मुताबिक प्रयागराज से बिलासपुर आ रही फ्लाइट जब एयरपोर्ट के रनवे पर लैंड कर रही थी, उसी दौरान विमान का एक टायर फट गया। लैंडिंग के समय टायर फटने से विमान में सवार यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
विमान के लैंडिंग गियर से जुड़ी किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में पायलट को विमान को रनवे पर सुरक्षित रोकना होता है। इस मामले में भी विमान को नियंत्रित तरीके से रनवे पर लाया गया। घटना के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा और तकनीकी टीम ने विमान का निरीक्षण किया।
हालांकि उपलब्ध जानकारी में विमान के टायर फटने की वजह को लेकर अभी कोई आधिकारिक तकनीकी कारण सामने नहीं आया है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि टायर किस वजह से फटा। इसकी वास्तविक वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
यात्रियों में कुछ देर के लिए बढ़ी चिंता
विमान के लैंडिंग के दौरान टायर फटने की घटना निश्चित रूप से यात्रियों के लिए डराने वाली हो सकती है। अचानक तेज आवाज और विमान के लैंडिंग के दौरान असामान्य स्थिति पैदा होने से यात्रियों में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
हालांकि घटना के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से संभाल लिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी बड़े हादसे की खबर नहीं है। यात्रियों को सुरक्षित विमान से बाहर निकाला गया और एयरपोर्ट की टीम ने आगे की प्रक्रिया पूरी की।
घटना के बाद विमान की तकनीकी स्थिति की जांच भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि टायर विमान के लैंडिंग सिस्टम का बेहद अहम हिस्सा होता है। विमान के दोबारा उड़ान भरने से पहले तकनीकी रूप से उसकी फिटनेस सुनिश्चित की जानी जरूरी होती है।
बिलासपुर-प्रयागराज हवाई सेवा पर भी नजर
बिलासपुर और प्रयागराज के बीच हवाई कनेक्टिविटी क्षेत्र के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। बिलासपुर एयरपोर्ट से प्रयागराज के लिए विमान सेवा उपलब्ध है और मौजूदा उड़ान कार्यक्रम में यह रूट शामिल है।
विमान सेवा शुरू होने के बाद बिलासपुर संभाग के यात्रियों को प्रयागराज के साथ-साथ दिल्ली और अन्य शहरों तक पहुंचने में सुविधा मिली है। इस वजह से इस रूट पर संचालित उड़ानों की सुरक्षा और नियमितता यात्रियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
उपलब्ध उड़ान जानकारी के अनुसार बिलासपुर-प्रयागराज रूट पर एलायंस एयर की उड़ानें संचालित होती हैं। मौजूदा शेड्यूल में इस रूट पर सीधी उड़ान का समय करीब 1 घंटे 15 मिनट बताया गया है।
क्या विमान की उड़ान पर पड़ेगा असर?
टायर फटने की घटना के बाद विमान को तकनीकी जांच से गुजरना पड़ सकता है। विमान की अगली उड़ान तभी संचालित की जाती है जब संबंधित तकनीकी टीम विमान को उड़ान के लिए फिट घोषित करे।
ऐसे मामलों में एयरलाइन को विमान के टायर, लैंडिंग गियर, ब्रेक सिस्टम और संबंधित हिस्सों की जांच करनी पड़ती है। यदि किसी पार्ट में नुकसान पाया जाता है तो उसे बदला या मरम्मत किया जाता है।
यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तकनीकी समस्या सामने आने के बाद विमान को बिना जांच के दोबारा उड़ान के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसलिए घटना के बाद विमान की तकनीकी स्थिति की जांच प्रक्रिया अहम होगी।
एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठेंगे सवाल
बिलासपुर एयरपोर्ट पर विमान के टायर फटने की घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट की तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर ध्यान खींचा है। हालांकि केवल टायर फटने की घटना के आधार पर एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था में कमी मानना उचित नहीं होगा।
टायर फटना कई कारणों से हो सकता है। इसमें टायर का घिसना, अत्यधिक तापमान, रनवे की स्थिति, लैंडिंग के दौरान पड़ने वाला दबाव या तकनीकी कारण शामिल हो सकते हैं। वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
इसलिए इस घटना में एयरलाइन और संबंधित तकनीकी एजेंसियों की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
बड़ा हादसा टला
सबसे राहत की बात यह है कि घटना के बावजूद किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है। विमान के सुरक्षित रूप से लैंड कर जाने के बाद यात्रियों को राहत मिली।
विमान दुर्घटनाओं के मामलों में लैंडिंग के दौरान टायर फटना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है, लेकिन पायलट और विमान की तकनीकी प्रणालियां ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित और तैयार रहती हैं। इस मामले में भी विमान को नियंत्रित तरीके से रनवे पर उतारा गया।
फिलहाल घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और विमान की तकनीकी जांच प्राथमिकता है। आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टायर फटने की वजह क्या थी और विमान को आगे की उड़ान के लिए कब तक फिट घोषित किया जाएगा।

