शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में सुंदरकांड पाठ के बाद आयोजित सामूहिक भोज उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब प्रसाद के रूप में परोसी गई खीर खाने के बाद 56 ग्रामीणों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी प्रभावित लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, गांव में सुंदरकांड पाठ के समापन पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के लिए प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई थी। भोज में खीर, पूरी और अन्य व्यंजन परोसे गए। कार्यक्रम समाप्त होने के कुछ ही घंटे बाद कई लोगों को एक साथ उल्टी और पेट दर्द की शिकायत शुरू हो गई। देखते ही देखते बीमार लोगों की संख्या बढ़कर 56 पहुंच गई, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी मरीजों को एंबुलेंस तथा अन्य वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया और अधिकांश मरीजों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। कुछ मरीजों को निगरानी में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने भोजन के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में किस वजह से गड़बड़ी हुई। फिलहाल एहतियात के तौर पर कार्यक्रम में परोसे गए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है।
जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि यदि भोजन तैयार करने या परोसने में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कार्यक्रम में शामिल होने के बाद किसी को उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर उपचार कराएं और स्वयं दवा लेने से बचें।
जानकारी के अनुसार, गांव में सुंदरकांड पाठ के समापन पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के लिए प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई थी। भोज में खीर, पूरी और अन्य व्यंजन परोसे गए। कार्यक्रम समाप्त होने के कुछ ही घंटे बाद कई लोगों को एक साथ उल्टी और पेट दर्द की शिकायत शुरू हो गई। देखते ही देखते बीमार लोगों की संख्या बढ़कर 56 पहुंच गई, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी मरीजों को एंबुलेंस तथा अन्य वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया और अधिकांश मरीजों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। कुछ मरीजों को निगरानी में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने भोजन के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में किस वजह से गड़बड़ी हुई। फिलहाल एहतियात के तौर पर कार्यक्रम में परोसे गए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है।
जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि यदि भोजन तैयार करने या परोसने में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कार्यक्रम में शामिल होने के बाद किसी को उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर उपचार कराएं और स्वयं दवा लेने से बचें।

