गिरीश गुप्ता गरियाबंद : जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली) से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में दो शिक्षकों पर स्कूल परिसर के कार्यालय कक्ष में कथित रूप से शराब का सेवन करने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस मामले की आधिकारिक जांच अभी बाकी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मीडिया टीम जब स्कूल पहुंची तो कई छात्र-छात्राएं बिना पढ़ाई के परिसर में मौजूद मिले। आरोप है कि स्कूल में नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित था और कार्यालय कक्ष में दो शिक्षक—मनोज कुमार भारद्वाज और कमल सिंह दीवान—कथित रूप से शराब और चखने के साथ बैठे हुए मिले। मीडिया टीम का दावा है कि दोनों शिक्षक नशे की हालत में थे।
तीन शिक्षक अवकाश पर, दो पर गंभीर आरोप
बताया जा रहा है कि निरीक्षण के समय विद्यालय के तीन शिक्षक अवकाश पर थे, जबकि मौजूद दोनों शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगे हैं। मीडिया टीम के अनुसार, दोनों शिक्षक निर्धारित ड्रेस कोड के बजाय टी-शर्ट और कार्गो जींस पहनकर स्कूल पहुंचे थे और शिक्षण कार्य की बजाय कार्यालय में बैठे हुए थे। इससे विद्यालय की व्यवस्था और बच्चों की पढ़ाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पत्रकारों से अभद्रता का आरोप
मीडिया टीम का आरोप है कि जब शिक्षकों से इस संबंध में सवाल पूछे गए तो उन्होंने सहयोग करने के बजाय कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने अपशब्दों का प्रयोग किया और कैमरे के सामने आक्रामक रवैया अपनाया। इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड होने का भी दावा किया गया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
बीईओ ने दिए जांच के निर्देश
मामले पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) देवनाथ बघेल ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र होता है और वहां इस प्रकार की कथित घटनाएं किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि जिन शिक्षकों पर बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी होती है, यदि उन्हीं पर इस तरह के आरोप लगते हैं तो यह बेहद चिंताजनक है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
नोट: इस खबर में लगाए गए आरोप स्थानीय मीडिया टीम के दावों पर आधारित हैं। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

