बिलासपुर। बिलासपुर जिले के तोरवा स्थित एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि आयुष्मान भारत योजना का कार्ड होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर 84,700 रुपये की अतिरिक्त राशि जमा कराने की मांग की। जब परिजन पूरी रकम जमा नहीं कर पाए तो अस्पताल ने मृतका का शव करीब दो दिनों तक नहीं सौंपा। मामला सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, तिलकबिसरिया निवासी एक आदिवासी महिला पेड़ काटने के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गई थी। परिजनों ने उन्हें 25 जुलाई 2026 को तोरवा स्थित हरिओम अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान 28 जुलाई को महिला की मौत हो गई।
मृतका के पति जगनाथ ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान परिवार पहले ही 21,780 रुपये अस्पताल में जमा कर चुका था। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने 84,700 रुपये और जमा करने की मांग की। परिजनों का कहना है कि महिला के नाम पर आयुष्मान कार्ड भी था, लेकिन अस्पताल ने योजना का लाभ नहीं दिया। अतिरिक्त राशि जमा नहीं होने पर शव देने से इनकार कर दिया गया।
मामले की जानकारी मिलने पर कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी से बात कर तत्काल हस्तक्षेप करने को कहा। इसके बाद विजय केशरवानी ने कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर मृतका का शव परिजनों को सौंपने की मांग की।
अस्पताल ने आरोपों से किया इनकार
हरिओम सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल के संचालक डॉ. अभिषेक कश्यप ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि मरीज को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। इलाज के दौरान परिजन कई बार अस्पताल से चले गए और संपर्क में नहीं रहे। मरीज की मौत की सूचना तत्काल पुलिस को दे दी गई थी। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
सीएमएचओ ने जांच के दिए संकेत
वहीं, सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने कहा कि मामले की शिकायत मिली है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना समय पर प्रशासन को नहीं दी गई थी। जिला प्रशासन के निर्देश पर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा। साथ ही पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर निजी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों के साथ होने वाले व्यवहार तथा आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
#

