गिरीश गुप्ता गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बड़े निर्माण कार्य को भी अपनी चपेट में ले लिया। उदंती नदी पर ओडिशा सरकार की ओर से लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा निर्माणाधीन पुल तेज बहाव और भारी बारिश के चलते भरभराकर ढह गया। इस घटना से छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच बनने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग प्रभावित हो गया है।
जानकारी के अनुसार, यह पुल छत्तीसगढ़ के मैनपुर विकासखंड को ओडिशा से जोड़ने के उद्देश्य से बनाया जा रहा था। पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में था, लेकिन लगातार बारिश के कारण उदंती नदी उफान पर आ गई। नदी के तेज बहाव ने निर्माणाधीन पुल को भारी नुकसान पहुंचाया और देखते ही देखते पुल का एक बड़ा हिस्सा ढह गया।
घटना के बाद निर्माण कार्य पूरी तरह रोक दिया गया है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण पुल का ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ। हालांकि, पुल गिरने के तकनीकी कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच कराई जाएगी, जिसके बाद ही वास्तविक कारण सामने आएंगे।
पुल गिरने से अमली गांव सहित आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। यह पुल छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच आवागमन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनने वाला था। इसके क्षतिग्रस्त होने से दोनों राज्यों के बीच संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है और लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
इधर लगातार बारिश के कारण सीमा से लगे क्षेत्रों में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार शाम तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार नदी का जलस्तर 15.600 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 3.10 मीटर ऊपर है। नदी का पानी नवापुर क्षेत्र में घुसने से करीब 250 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े, जबकि चार वार्ड बारिश और बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
प्रशासन ने नदी तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। वहीं पुल ढहने की घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुल केवल प्राकृतिक कारणों से गिरा या निर्माण में किसी प्रकार की तकनीकी खामी भी रही।

