नई दिल्ली: वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था में कारोबारियों को बड़ी राहत मिल सकती है। GST कानून समिति ने ऐसा प्रस्ताव मंजूर किया है, जिसके तहत यदि कोई सप्लायर सरकार के पास GST जमा नहीं करता है, तब भी नियमों का पालन करने वाले खरीदार का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) स्वतः रद्द नहीं होगा।
मौजूदा व्यवस्था में कई बार खरीदारों को नुकसान उठाना पड़ता है, जबकि उन्होंने समय पर भुगतान कर दिया होता है। ऐसे मामलों में सप्लायर की गलती का असर खरीदार पर पड़ता है। नए प्रस्ताव का उद्देश्य ईमानदार करदाताओं को इस परेशानी से राहत देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो इससे व्यापार करने में आसानी होगी, टैक्स विवाद कम होंगे और कारोबारियों का भरोसा GST व्यवस्था पर और मजबूत होगा।
हालांकि, यह बदलाव अभी लागू नहीं हुआ है। इसे लागू करने के लिए GST परिषद और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही नए नियम प्रभावी होंगे।

