देशभर के उपभोक्ताओं के लिए महंगाई का एक और झटका सामने आ सकता है। बढ़ती कच्चे माल की लागत, कमजोर रुपये और वैश्विक बाजार में महंगी हो रही कमोडिटी के चलते कई दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। उद्योग जगत का कहना है कि आने वाले दिनों में कई उत्पाद 2% से 5% तक महंगे हो सकते हैं, जबकि नारियल तेल जैसे कुछ कच्चे माल की कीमतें पिछले एक वर्ष में लगभग दोगुनी हो चुकी हैं, जिसका असर खुदरा बाजार पर भी पड़ सकता है।
इन सामानों पर बढ़ेगा असर
कंपनियां डिटर्जेंट, हेयर ऑयल, चॉकलेट, इंस्टेंट नूडल्स, ब्रेकफास्ट सीरियल, ओट्स और अन्य पैकेज्ड फूड उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। कई राज्यों में नए रेट वाले पैक बाजार में पहुंचने भी लगे हैं।
कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे माल की बढ़ती लागत, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, रुपये की कमजोरी और आयात महंगा होने से कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इसी वजह से कंपनियां धीरे-धीरे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल रही हैं।
खाने-पीने पर भी पड़ेगा असर
रेस्तरां और ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाओं की कीमतों में भी 5% से 10% तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। ईंधन, कमर्शियल एलपीजी और श्रम लागत बढ़ने से होटल और रेस्तरां अपने मेन्यू के दाम बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
आम लोगों की जेब पर बढ़ेगा बोझ
दैनिक उपयोग की वस्तुओं के महंगे होने से करोड़ों परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो सकता है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ने की आशंका है।
निष्कर्ष
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे माल और ईंधन की कीमतों में राहत नहीं मिलती है, तो आने वाले महीनों में अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में लोगों को घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
ध्यान दें: “कल से 130 करोड़ लोगों पर असर” और “कुछ चीजों की कीमत दोगुनी हो जाएगी” जैसा दावा व्यापक रूप से प्रमाणित आधिकारिक घोषणा के रूप में उपलब्ध नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार फिलहाल कई FMCG उत्पादों में 2–5% तक की बढ़ोतरी और कुछ कच्चे माल (जैसे नारियल तेल) की लागत में बड़ी वृद्धि की बात कही गई है।

