मध्य प्रदेश (Photo Credit: IANS)
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में उस समय सनसनी फैल गई जब एक मकान की नींव की खुदाई के दौरान ब्रिटिश काल के चांदी के सिक्कों से भरा मटका मिला. यह मामला जिले के फुतेरा वार्ड का है, जहां पुराने घर की खुदाई के दौरान बड़ी संख्या में पुराने सिक्के मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, यह खोज सरकारी स्कूल शिक्षक आलोक सोनी के पुश्तैनी घर में हुई. मजदूर मकान की नींव के लिए खुदाई कर रहे थे, तभी जमीन के अंदर से एक मिट्टी का मटका निकला, जिसमें पुराने चांदी के सिक्के भरे हुए थे. MP: कुनो नेशनल पार्क में फिर गूंजी नन्हे चीतों की किलकारियां, सीएम मोहन यादव ने दी जानकारी; देखें PHOTOS
पुरातत्व विभाग ने जांच के बाद बताया कि ये सिक्के ब्रिटिश शासनकाल यानी 1815 से 1915 के बीच के हैं. प्रशासन ने मौके से 42 चांदी के सिक्के जब्त किए हैं. हालांकि मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब खुदाई में शामिल एक मजदूर ने गंभीर आरोप लगाए. मजदूर पटेल का दावा है कि खुदाई के दौरान करीब 30 से 35 किलो चांदी के सिक्के मिले थे. उसने आरोप लगाया कि सिक्के मिलने के बाद सभी मजदूरों को 500-500 रुपये देकर वहां से भेज दिया गया और बड़ी संख्या में सिक्के प्रशासन को नहीं सौंपे गए.
वहीं आलोक सोनी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया. उनका कहना है कि खुदाई में मिले सभी सिक्के प्रशासन को सौंप दिए गए थे. उन्होंने उल्टा आरोप लगाया कि कुछ मजदूरों ने ही सिक्कों का हिस्सा छिपाया हो सकता है. घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. तहसीलदार और राजस्व विभाग के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे. प्रशासन ने तुरंत निर्माण कार्य रुकवा दिया और पूरे इलाके को निगरानी में ले लिया.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आखिर कुल कितने सिक्के मिले थे और क्या उनमें से कुछ को छिपाया गया है. इस “दबे हुए खजाने” की खबर पूरे इलाके में तेजी से फैल गई, जिसके बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. स्थानीय लोग सिक्कों की ऐतिहासिक और आर्थिक कीमत को लेकर चर्चा करते नजर आए.
मध्य प्रदेश में पहले भी कई बार ऐतिहासिक सिक्के और पुरानी धरोहरें मिल चुकी हैं, लेकिन दमोह का यह मामला सिक्कों को लेकर सामने आए विरोधाभासी दावों की वजह से चर्चा में आ गया है. अब पुरातत्व विभाग जब्त किए गए सिक्कों की विस्तृत जांच करेगा. प्रशासन ने लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील की है. वहीं इस मामले की जांच से साफ होगा कि यह सिर्फ एक ऐतिहासिक खोज है या फिर बहुमूल्य धरोहर छिपाने का मामला भी इसमें शामिल है.

