आईपीएल 2026 अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। लीग स्टेज के 59 मुकाबले पूरे हो चुके हैं और अब केवल 11 मैच बाकी हैं। इसके बावजूद प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। 8 टीमें अब भी टॉप-4 की दौड़ में बनी हुई हैं, जिससे टूर्नामेंट का रोमांच चरम पर पहुंच गया है।
दैनिक भास्कर में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस सबसे मजबूत स्थिति में हैं। दोनों टीमों को प्लेऑफ में जगह लगभग पक्की करने के लिए सिर्फ एक जीत की जरूरत है। वहीं सनराइजर्स हैदराबाद, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की उम्मीदें अभी भी कायम हैं।
अंक तालिका में कौन कहां?
RCB और गुजरात सबसे आगे
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के 12 मैचों में 16-16 अंक हैं। दोनों टीमों का नेट रन रेट भी बेहतर है। ऐसे में एक और जीत उन्हें प्लेऑफ में पहुंचा सकती है। अगर दोनों अपने बाकी मैच जीतती हैं तो टॉप-2 में जगह भी लगभग तय हो जाएगी।
हैदराबाद की स्थिति मजबूत
सनराइजर्स हैदराबाद 14 अंकों के साथ मजबूत स्थिति में है। टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए कम से कम एक जीत और दर्ज करनी होगी। हालांकि नेट रन रेट यहां अहम भूमिका निभा सकता है।
पंजाब की उम्मीदें कायम
13 अंकों के साथ पंजाब किंग्स अभी भी रेस में बनी हुई है। टीम अगर अपने दोनों मुकाबले जीतती है तो 17 अंक तक पहुंच सकती है, जिससे क्वालिफिकेशन की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
राजस्थान और चेन्नई पर दबाव
राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आगे का सफर आसान नहीं है। दोनों टीमों को अपने बचे हुए मुकाबले जीतने के साथ दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा। खासकर चेन्नई की स्थिति हालिया हार के बाद काफी कमजोर मानी जा रही है।
दिल्ली और KKR के लिए करो या मरो
दिल्ली कैपिटल्स को अपने दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे ताकि नेट रन रेट सुधर सके। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स अधिकतम 15 अंक तक ही पहुंच सकती है, इसलिए उसे बाकी टीमों के नतीजों का भी इंतजार करना पड़ेगा।
नेट रन रेट बनेगा सबसे बड़ा फैक्टर
इस बार प्लेऑफ की रेस में नेट रन रेट सबसे बड़ा फैक्टर बनता नजर आ रहा है। कई टीमें समान अंकों तक पहुंच सकती हैं, ऐसे में बड़े अंतर से जीत दर्ज करना बेहद जरूरी हो गया है।
हर मैच बदल रहा समीकरण
आईपीएल 2026 का यह सीजन आखिरी चरण तक बेहद रोमांचक बना हुआ है। हर मैच के बाद अंक तालिका बदल रही है और प्लेऑफ की तस्वीर भी लगातार उलटफेर का शिकार हो रही है। आने वाले 11 मुकाबले तय करेंगे कि कौन सी चार टीमें प्लेऑफ में जगह बनाएंगी।

