राजिम। CG NEWS: विधायक रोहित साहू की पहल पर कोपरा-पोखरा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 70 करोड़ मंजूर किया गया। जिसका निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा पिछले 6 माह पूर्व शुरू किया गया। ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य के शुरुआत से ही विभागीय नियमों को दरकिनार कर निर्माण प्रारंभ किया। जिसमें ठेकेदार द्वारा घोर लापरवाही बरती जा रही हैं।
कोपरा से पोखरा के बीच 26 किमी लंबी जिस सड़क से अनेक गांवों के प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोगों को राहत मिलने का दावा किया गया था, खैर लोगों को निर्माण के बाद राहत मिलेगा या नही, यह तो बात की बात हैं। क्योंकि जिस सड़क निर्माण के दौरान बड़े व छोटे वाहनों के चलने से धूल के गुब्बार उड़ रहे हैं। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि सड़क निर्माण में विभागीय नियमों को कितना ध्यान रखा जा रहा हैं।

क्षेत्र में सुशासन के दावे के बीच हकीकत ये है कि ठेकेदार सड़क पर मुरूम बिछाने के बाद पानी का छिड़काव तक नहीं कर रहा। फोटो में साफ दिख रहा हैं कि पूरी निर्माणाधीन सड़क धूल से पटी है, 10 मीटर दूर तक विजिबिलिटी जीरो है। इस मार्ग के आसपास के जिन राहगीरों को राहत देने की बात थी, वे ही आज इस मार्ग में चलने के बाद आंखों में जलन और सांस की बीमारी को झेलने मजबूर हैं।
ग्रामीणों राहगीरों में आक्रोश- इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 70 करोड़ मंजूर हुए तो लगा कि सुशासन आ गया। लेकिन सड़क बनाते समय दो टैंकर पानी तक नसीब नहीं हो रहा। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे, मरीज और किसान धूल फांकने को मजबूर हैं। क्या इसी को सुशासन कहते हैं?
नियमानुसार निर्माण के दौरान दिन में 3 बार पानी छिड़काव जरूरी है, लेकिन यहां जब से निर्माण कार्य शुरू किया गया तब से पानी का एक टैंकर नहीं आया। खेतों में खड़ी फसल पर भी धूल की मोटी परत जम गई है। विधायक रोहित साहू ने इस सड़क के लिए सीएम विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम अरुण साव से 70 करोड़ मंजूर कराए थे।
दावा था कि मुड़तराई, जेंजरा, देवरी, कौंदकेरा, रामनगर, बहेरापाल, बोरसी, बासीन और पोखरा समेत विभिन्न गांवों के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। लेकिन ठेकेदार की मनमानी से हालात उलट हैं। राहगीरों को धूल के गुब्बार से रोजाना सामना करना पड़ रहा हैं। नतीजतन इन राहगीरों को आंखों में जलन व सांस जैसे बीमारी से जूझना पड़ रहा हैं।
ग्रामीणों ने कलेक्टर और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी से ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई और रोज पानी छिड़काव सुनिश्चित कराने की मांग की है।


