PM Modi Meeting On Energy: नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच भारत सरकार पूरी तरह से ‘सुपर अलर्ट’ मोड पर आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम वरिष्ठ मंत्रियों के साथ एक बहुत ही महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा युद्ध के कारण भारत पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक और ऊर्जा प्रभावों की समीक्षा करना है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक तनाव के बावजूद देश के आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो।
PM Modi Meeting On Energy: बैठक के मुख्य मुद्दे
इस बैठक के दौरान सरकार मुख्य रूप से पेट्रोलियम, कच्चा तेल, बिजली और खाद जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेगी। इन चारों क्षेत्रों का सीधा संबंध आम आदमी की रसोई, परिवहन व्यवस्था और देश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से है। प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करेंगे कि युद्ध की स्थिति में भी इन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा न आए।
PM Modi Meeting On Energy: होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापारिक मार्गों पर बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। दुनिया के कुल तेल और गैस की लगभग 20 प्रतिशत आपूर्ति इसी होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होती है। ईरान द्वारा इस मार्ग को बंद करने की धमकियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को तेजी से बढ़ा दिया है।
PM Modi Meeting On Energy: सप्लाई चैन पर असर
वर्तमान में युद्ध की स्थिति के कारण सैकड़ों तेल और गैस से लदे जहाज समुद्र के बीच में ही फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। सप्लाई चैन बाधित होने से भारत जैसे उन देशों के लिए बड़ी चुनौती पैदा हो गई है जो आयात पर निर्भर हैं। सरकार का प्रयास है कि परिवहन और आपूर्ति तंत्र को इतना मजबूत बनाया जाए कि वैश्विक संकट का असर न्यूनतम रहे।
PM Modi Meeting On Energy: भारत की सुरक्षा तैयारी
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए समय रहते तैयारी करना सरकार की प्राथमिकता है। पीएम मोदी की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में आवश्यक संसाधनों की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने की रणनीति बनाना है। वरिष्ठ मंत्रियों के साथ मिलकर सरकार ऐसे वैकल्पिक रास्तों और उपायों पर विचार कर रही है जो संकट में काम आ सकें।
PM Modi Meeting On Energy: आम जनता को राहत
सरकार का स्पष्ट मानना है कि वैश्विक युद्ध का बोझ देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर नहीं पड़ना चाहिए। बिजली खाद और की निर्बाध आपूर्ति कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखेगी जिससे खाद्य सुरक्षा पर कोई आंच नहीं आएगी। आने वाले दिनों में सरकार कुछ और कड़े फैसले ले सकती है ताकि घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रण में रखा जा सके।

