गिरिश गुप्ता गरियाबंद:- उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व में ओडिशा से आये बीमार हाथियों के बाद अब महाराष्ट्र से आये बीमार गिद्ध का इलाज के लिये सफल रेस्क्यू किया गया गिद्ध की पीठ पर माइक्रो ट्रांसमीटर और जीपीएस लगा हुआ था वाइट रम्पड वल्चर (white rumped vulture) ने महाराष्ट्र के ताडोबा अंधारी टाइगर रिज़र्व से भरी थी उड़ान और USTR पहुंचा।

वरुण जैन उपनिदेशक, तेजस शेखर डी.एफ.ओ जंगल सफारी के मार्गदर्शन में आज सुबह 11 बजे उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व के इन्दागांव (बफर) परिक्षेत्र के काण्डसर बीट में पेट्रोलिंग के दौरान एक गिद्ध बीमार स्थिति में पाया गया पेट्रोलिंग श्रमिक राधेश्याम यादव ने गिद्ध को बीमार अवस्था में देखते ही परिक्षेत्र अधिकारी श्री सुशील कुमार सागर को तुरंत सूचित किया जिन्होंने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.

संभवतः डी-हाइड्रेशन या बिमारी की वजह से गिद्ध की तबियत खराब थी जिस कारण वह उड़ नहीं पा रहा था एवं गर्दन झुकाकर बैठा हुआ था. बिलासपुर के वल्चर एक्सपर्ट श्री अभिजीत शर्मा ने टेलीफोनिक कांफ्रेंस में उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व की टीम को सुरक्षित रेस्क्यू हेतु मार्गदर्शन दिया. गिद्ध को पानी एवं आर्टिफीसियल फीड (आहार) दिया गया. गिद्ध को घने जंगल से सुरक्षित निकाला गया एवं बीट गार्ड रामकृष्ण साहू के हस्ते गरियाबंद परिवहन किया गया जंगल सफारी से डॉक्टर जडिया एवं सुश्री ऋचा ने गरियाबंद पहुंचकर गिद्ध को रेस्क्यू केज में शिफ्ट किया जहा से उसे नया रायपुर स्थित जंगल सफारी लेकर जाया जा रहा है.उपचार के उपरान्त गिद्ध को पुनः सुरक्षित रहवास में छोड़ा जाएगा।

उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व में 70 प्रतिशत पहाड़ी वन क्षेत्र है जिनमे से ओह-आमामोरा की पहाडियों में पूर्व में भी गिद्धों की उपस्तिथि दर्ज की गयी थी उक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में इन्दागांव परिक्षेत्र की टीम एवं जंगल सफारी की टीम का अहम् योगदान रहा।


