Yogini Ekadashi 2024- आज है योगिनी एकादशी, जानिए योगिनी एकादशी व्रत के शुभ मुहूर्त और महत्व – INH24 |
छत्तीसगढ़

Yogini Ekadashi 2024- आज है योगिनी एकादशी, जानिए योगिनी एकादशी व्रत के शुभ मुहूर्त और महत्व – INH24


2 July 2024: आज, 2 जुलाई को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि हैं. इस तिथि पर योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. योगिनी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित हैं आज त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा. ये दोनों ही योग शुभ कार्यों को करने के लिए उत्तम माने गए हैं. योगिनी एकादशी के साथ ही इस दिन मासिक कार्तिगाई भी है. आज का अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. आइए जानते है 2 जुलाई 2024 के पंचांग में सुबह और अशुभ मुहूर्त .

योगिनी एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त और महत्व :
आज 2 जुलाई 2024 को योगिनी एकादशी का व्रत शुभ योग में पड़ रहा है, जिसके दौरान त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्वपूर्ण समय है. यह योग आज 2 जुलाई की सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 3 जुलाई की सुबह 4 बजकर 40 मिनट तक रहेगा, जबकि त्रिपुष्कर योग 2 जुलाई की सुबह 8 बजकर 42 मिनट से 3 जुलाई की सुबह 4 बजकर 40 मिनट तक मान्य रहेगा. ज्योतिष मान्यता के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलती है और त्रिपुष्कर योग में शुभ कार्यों का तीन गुना फल प्राप्त होता है. इस अवसर पर योगिनी एकादशी व्रत की पूजा करना और धार्मिक अनुष्ठान करना बेहद फलदायी माना जाता है, जो आत्मिक और धार्मिक विकास में सहायक होता है. पद्म पुराण के अनुसार, इस एकादशी व्रत का पालन करने से सभी प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं और कई यज्ञों के फल के समान फल प्राप्त होता है. इस शुभ दिन पर श्री लक्ष्मी नारायण का भक्तिपूर्वक पूजन करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है. भूखे को भोजन प्रदान करना और प्यासे को जल पिलाना धर्मिक कर्म माना जाता है. एकादशी की रात्रि जागरण का बड़ा महत्व होता है, जिससे धन, सुख, और समृद्धि प्राप्त होती है.

02 जुलाई मंगलवार 2024
आषाढ़ कृष्ण पक्ष एकादशी दिन -08:26 उपरांत द्वादशी
श्री शुभ संवत-2081,शाके-1946,हिजरी सन-1445-46
सूर्योदय-05:02
सूर्यास्त-06:44
सूर्योदय कालीन नक्षत्र- भरणी उपरांत कृतिका उपरांत रोहिणी ,
योग – धृति ,करण-वा ,
सूर्योदय कालीन ग्रह विचार-सूर्य- मिथुन , चंद्रमा- मेष , मंगल-मेष , बुध- कर्क , गुरु-वृष ,शुक्र-
मिथुन ,शनि-कुम्भ ,राहु-मीन , केतु-कन्या

चौघड़िया मंगलवार
प्रातः06:00 से 07:30 रोग
प्रात:07:30 से 09:00 तक उद्वेग
प्रातः 09.00 से 10.30 तक चर
प्रातः10:30 से 12:00 लाभ
दोपहर:12:00 से 1:30 तक अमृत
दोपहरः01:30 से 03:00 तक काल
शामः 03:00 से 04:30 तक शुभ
शामः 04:30 से 06:00 तक रोग
खरीदारी के लिए शुभ समयः
दोपहर:12:00 से 1:30 तक.
उपाय
सफेद रंग की वस्तुएं यथा तिल, चावल आदि का दान करना चाहिए.
इसके अलावा पानी में पांच से सात दाने सफेद तिल के डाल कर उससे स्नान करें.
आराधनाःभगवान शंकर जी की आराधना करें.
राहु काल: अपराह्न 3:00 से 4:30 बजे तक
दिशाशूल-पूर्व एवं आग्नेय
. . अथ राशि फलम्. .



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