UP-शव का ढेर देख ड्यूटी में तैनात सिपाही रवि यादव की हार्ट अटैक से मौत – INH24 |
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UP-शव का ढेर देख ड्यूटी में तैनात सिपाही रवि यादव की हार्ट अटैक से मौत – INH24


Hathras. हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस स्थित रतिभानपुर में सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. हादसे में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की ड्यूटी में तैनात सिपाही रवि यादव की हार्ट अटैक से मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार, रवि यादव की ड्यूटी मृतकों के शव की व्यवस्था करने में लगी थी. एकसाथ ज्यादा शव देखने के बाद रवि यादव को हार्ट अटैक आ गया और उनकी मृत्यु हो गई. वहीं इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र मौर्य ने बताया कि सिपाही रवि यादव की ड्यूटी हाथरस हादसे में मृतकों के शवों की व्यवस्था में लगाई गई थी. वहीं ड्यूटी के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई. सीएम योगी घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए बुधवार को हाथरस जाएंगे, जहां सीएम पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे. सीएम के साथ प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद भी वहां मौजूद रहेंगे. इस घटना पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ऑफिस ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार कराने और मौके पर राहत कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है. उन्होंने एडीजी आगरा और कमिश्नर अलीगढ़ के नेतृत्व में घटना के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं. सत्संग स्थल पर व्यस्थाएं इतनी लचर थीं कि भगदड़ के बाद शवों को अस्पताल पहुंचाने में मशक्कत करनी पड़ी, कोई बाइक पर तो कोई ऑटो में शव रखकर अस्पताल पहुंचा. घटनास्थल की विचलित कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं. सत्संग स्थल पर हजारों लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है. लोग बसों में भरकर भोले बाबा के सत्संग में शामिल होने आए थे. सत्संग पर आयोजन समिति से जुड़े महेश चंद्र ने आजतक से फोन पर हुई बातचीत में कहा कि हमने जिला प्रशासन से अनुमति लेकर कार्यक्रम कराया था. कार्यक्रम में एक लाख से अधिक श्रद्धालु आयोजन मौजूद थे. जब कार्यकम खत्म हुआ तब भगदड़ मच गई. ये हादसा प्रशासन की कमजोरी की वजह से हुआ है. कार्यक्रम खत्म होने के बाद कीचड़ में लोग एक के ऊपर एक गिरते रहे, कोई संभालने वाला नहीं था. मैं भंडारे का काम देख रहा था. उन्होंने बताया कि हाथरस में ये कार्यक्रम 13 साल बाद हुआ है. हमारे पास 3 घंटे की परमिशन थी. 1.30 बजे कार्यक्रम खत्म होने के बाद घटना हुई है. प्रशासन को अनगिनत श्रद्धालुओं के कार्यक्रम में आने की जानकारी दी गई थी. जहां इंतजाम किए गए थे, वहां बहुत भीड़ थी. कार्यक्रम में 12 से साढ़े 12 हजार सेवादार थे. हमने इतने स्तर पर पूरे इंतजाम किए थे. एंबुलेंस नहीं थी. कार्यक्रम खत्म हुआ तो एक साथ भागने लगे और भगदड़ मची. बरसात के मौसम में कीचड़ की वजह से लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे थे.



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