भेष बदलकर छोले भटूरे बेच रहा था हत्यारा, 20 साल से थी पुलिस को तलाश, पुलिस ने लगाया पकड़ने आम का ठेला |
Breaking NewsCGTOP36उत्तर प्रदेशदेश विदेशराज्य

भेष बदलकर छोले भटूरे बेच रहा था हत्यारा, 20 साल से थी पुलिस को तलाश, पुलिस ने लगाया पकड़ने आम का ठेला

दिल्ली पुलिस को एक आरोपी की पिछले 20 साल से तलाश थी, लेकिन वो मैनपुरी में भेष बदलकर छोले भटूरे बेच रहा था. पुलिस (Delhi Police) ने भी आरोपी को फरार होने का दूसरा मौका नहीं देना चाहती थी, इसलिए टीम ने उसे गिरफ्तार करने के लिए 2 दिनों तक उसी इलाकों में आम का ठेला लगाकर सही मौके का इंतजार किया. जब छोला भटूरा बेचने वाले की असलीयत वहां रह रहे लोगों तो पता चली तो सभी दंग रह गए. किसी को भी इस बात पर कभी शक नहीं हुआ कि उनके बीच एक फरार हत्या का आरोपी रह रहा है.

20 साल पहले फरार हुआ था आरोप

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने बताया कि फिरौती के लिए दिल्ली के एक व्यापारी के अपहरण और हत्या के मामले में पिछले 20 वर्षों से फरार एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में रामलीला मैदान के पास से गिरफ्तार किया गया, जहां वह अपनी पहचान बदलकर छोले भटूरे बेच रहा था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम के एक अधिकारी ने कहा कि सिपाही लाल उर्फ ​​​​गुरदयाल की गतिविधि पर नजर रखने के लिए एएसआई सोनू नैन ने आम विक्रेता के रूप में रामलीला मैदान के पास एक ‘रेहड़ी’ लगाई. अधिकारी ने आगे बताया कि 31 अक्टूबर 2004 को रमेश चंद गुप्ता नाम का एक व्यापारी अपनी सेंट्रो कार में दिल्ली के शकरपुर इलाके स्थित अपने घर से निकला, लेकिन घर नहीं लौटा.

उनके भाई जगदीश कुमार ने शालीमार बाग थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था. 2 नवंबर 2004 को, गुप्ता की कार बहादुरगढ़ पुलिस स्टेशन में जमा पाई गई, लेकिन वह आदमी अभी भी लापता था. परिजनों के शक के आधार पर मुकेश वत्स नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया. पुलिस उपायुक्त (क्राइम) राकेश पावरिया ने कहा, ‘पूछताछ पर वत्स ने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों सिपाही लाल, शरीफ खान, कमलेश और राजेश के साथ मिलकर गुप्ता का अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर दी.’ वत्स आजादपुर मंडी में सब्जी का कारोबार चलाता था और शरीफ खान, कमलेश, राजेश और सिपाही लाल उसके कर्मचारी थे.

आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने बिछाया जाल

आरोपियों ने शव को एक बोरे में डाला और कराला गांव के पास एक नाले में फेंक दिया. जांच के दौरान, शरीफ खान और कमलेश को कराला से गिरफ्तार किया गया, जहां गुप्ता का शव भी मिला था. हालांकि, सिपाही लाल और राजेश को गिरफ्तार नहीं किया जा सका और अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया. डीसीपी ने कहा, ‘हाल ही में, पुलिस को सूचना मिली कि सिपाही लाल मैनपुरी के रामलीला मैदान के पास एक अलग नाम से छोले भटूरे बेच रहा है. उसकी गतिविधि और काम का पता लगाने के लिए, एएसआई सोनू नैन को आम विक्रेता के भेष में वहां तैनात किया गया था.’

दो दिन बाद एएसआई को पता चला कि सिपाही लाल गुरदयाल के नाम से छोले भटूरे बेच रहा है. डीसीपी ने आगे कहा, ‘जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने खुद को गुरदयाल बताकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश की. लेकिन बाद में वह टूट गया और उसने अपना असली नाम और पहचान बता दी. आरोपी को कानून की उचित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है.’

Related Articles

Back to top button