Raigarh. रायगढ़। पुलिस लाइन रायगढ़ में शुक्रवार को अनुशासन, फुर्ती और दक्षता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जब पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने जनरल परेड की सलामी ली। निर्धारित शीतकालीन वेशभूषा में सजे जवानों ने परेड ग्राउंड पर आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत किया। इस दौरान शहरी एवं देहात थानों के पुलिस बल के साथ रक्षित केंद्र के अधिकारी और जवान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सुबह निर्धारित समय पर परेड की शुरुआत हुई। रक्षित निरीक्षक अमित सिंह ने परेड कमांड संभाला और जवानों ने एक के बाद एक अपने मार्च पास्ट की प्रस्तुति दी। परेड निरीक्षण के बाद एसपी पटेल ने शामिल पुलिस कर्मियों से चर्चा की, उनकी समस्याएं सुनीं और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने जवानों को ड्यूटी के प्रति सतर्कता, अनुशासन और व्यावहारिक दक्षता को लगातार बेहतर बनाने की सलाह दी। परेड के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा और डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। जनरल परेड समाप्त होने के बाद पुलिस अधीक्षक सहित सभी अधिकारी और जवान वार्षिक चांदमारी (फायरिंग अभ्यास) के लिए फायरिंग रेंज पहुंचे। फायरिंग रेंज में तय कार्यक्रम के तहत जवानों ने प्रशिक्षण और हथियार संचालन का अभ्यास किया। वार्षिक चांदमारी का उद्देश्य पुलिस बल की फायरिंग क्षमता, प्रतिक्रिया कौशल और हथियारों के तकनीकी उपयोग में दक्षता बढ़ाना होता है।
अधिकारियों ने जवानों के निशानेबाजी कौशल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार का नियमित प्रशिक्षण पुलिस बल को हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रखता है। एसपी पटेल ने कहा कि आधुनिक समय में पुलिसिंग के साथ-साथ फायरिंग दक्षता भी अत्यंत आवश्यक है। इसलिए सभी जवानों को समय-समय पर प्रशिक्षण और अभ्यास में शामिल होना चाहिए। चांदमारी के दौरान प्रशिक्षण प्रभारी अधिकारियों ने विभिन्न प्रकार के हथियारों, उनकी सुरक्षा प्रणाली और संचालन तकनीकों की जानकारी दी। जवानों ने राइफल, पिस्टल और अन्य उपलब्ध हथियारों से निशानेबाजी का अभ्यास किया। कार्यक्रम के अंत में एसपी ने जवानों से कहा कि फायरिंग रेंज में मिले अनुभव को वे फील्ड ड्यूटी में भी उपयोग करें और हमेशा तैयार रहें। रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित जनरल परेड और वार्षिक चांदमारी का यह कार्यक्रम न केवल पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाता है बल्कि पुलिस-प्रशासन की तत्परता और व्यवस्थित कार्यप्रणाली को भी प्रदर्शित करता है।

