Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए सफेमा (SAFEMA) के तहत गांजा तस्कर राकेश वर्मा की करोड़ों रुपये की अवैध रूप से अर्जित अचल संपत्ति को जप्त किया है। यह कार्रवाई नारकोटिक अपराधों से जुड़े आरोपियों पर शिकंजा कसने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना खरोरा में दर्ज अपराध क्रमांक 308/25, धारा 20(बी) नारकोटिक एक्ट के तहत 20 मई 2025 को यह मामला सामने आया था।
वरिष्ठ
अधिकारियों के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना खरोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना खरोरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छड़िया में दबिश देकर आरोपी मोहन सिंह कोशले उर्फ राकेश (उम्र 40 वर्ष) को गिरफ्तार किया था। आरोपी के कब्जे से 27.894 किलोग्राम गांजा, जिसकी बाजार कीमत लगभग 4 लाख 18 हजार 410 रुपये आंकी गई, जप्त की गई थी।पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने खुलासा किया कि यह गांजा राकेश वर्मा, पिता रूपू राम वर्मा, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम खपरीडीहखुर्द, थाना खरोरा, रायपुर जिला का था। पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश वर्मा लंबे समय से गांजा तस्करी और बिक्री के अवैध धंधे में लिप्त है। घटना के बाद से ही आरोपी राकेश वर्मा फरार है और उसकी तलाश लगातार की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी खरोरा द्वारा गांजा तस्कर राकेश वर्मा तथा उसके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर गांजा तस्करी से अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जप्त करने हेतु विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर सफेमा कोर्ट मुंबई को प्रेषित किया गया। प्रतिवेदन में यह उल्लेख किया गया कि आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर दर्ज संपत्तियां मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध आय से खरीदी गई हैं।
सफेमा कोर्ट मुंबई द्वारा मामले की सुनवाई के पश्चात जारी आदेश के आधार पर रायपुर पुलिस ने SAFEMA के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए ग्राम खपरीडीहखुर्द, थाना खरोरा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर स्थित 13 प्लॉट (भूमि) को जप्त किया है। इन अचल संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को केवल जेल ही नहीं, बल्कि उनके अवैध आर्थिक ढांचे को भी ध्वस्त किया जाएगा। SAFEMA के तहत की गई यह कार्रवाई न केवल आरोपी राकेश वर्मा के खिलाफ है, बल्कि ऐसे सभी तस्करों के लिए कड़ा संदेश है जो अवैध कमाई को संपत्ति में बदलकर कानून से बचने की कोशिश करते हैं। रायपुर पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी राकेश वर्मा की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा, ताकि समाज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।

