Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस विभाग द्वारा हाल ही में जारी तबादला सूची के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। अपराधों पर नियंत्रण और वर्षों से एक ही थाने में जमे अधिकारियों–कर्मचारियों को हटाने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन शहर के कई थाना क्षेत्रोंमें आज भी ऐसे पुलिसकर्मी मौजूद हैं, जिनकी पकड़ वर्षों से बनी हुई है। इससे न केवल तबादला नीति की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि पुलिस–अपराधी गठजोड़ की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हालिया तबादलों के पीछे मंशा यह थी कि लंबे समय से एक ही जगह तैनात पुलिसकर्मियों को हटाकर कानून-व्यवस्था में नई ऊर्जा लाई जाए। खुद रायपुर पुलिस कप्तान लाल उम्मेद सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया था कि किसी भी थाने या चौकी में वर्षों से जमे अधिकारियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके, कई थानों में सब इंस्पेक्टर (एसआई), असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई), प्रधान आरक्षक, आरक्षक और यहां तक कि नगर सैनिक भी वर्षों से एक ही क्षेत्र में जमे हुए हैं।

