Amritsar: नई दिल्ली/अमृतसर: पाकिस्तान ने शनिवार को अपने जेलों में बंद 7 भारतीय नागरिकों को रिहा कर अटारी-वाघा बॉर्डर में भारत को सौंप दिया। ये सभी नागरिक करीब ढाई साल पहले 2023 की भयानक बाढ़ के दौरान पंजाब में अपने मवेशियों को बचाने की कोशिश में तेज बहाव के साथ बहकर पाकिस्तानी क्षेत्र में पहुंच गए थे। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें सीमा अवैध पार करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।
Amritsar: अटारी बॉर्डर के प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से इन 7 कैदियों की रिहाई का आदेश दोनों देशों को मिलने के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले कर दिया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताओं के लिए उन्हें सीमा शुल्क एवं आव्रजन कार्यालय ले जाया गया।
Amritsar: रिहा हुए 7 भारतीयों में से 6 पंजाब के हैं चार फिरोजपुर जिले के, एक जालंधर का, एक लुधियाना का और एक उत्तर प्रदेश का निवासी है। रिहाई के बाद कुछ कैदियों ने भावुक होकर अपनी आपबीती सुनाई। एक ने कहा, “बाढ़ में पुल गिरने के बाद पानी के तेज में पाकिस्तान पहुँच गया। मैंने समझाया कि यह दुर्घटना है, लेकिन उन्होंने सीमा पार का केस दर्ज कर तीन महीने जेल में रखा। वहां हमें जमकर पीटा गया। पाकिस्तानी जेलों में अन्य भारतीय भी हैं, जिनकी हालत दयनीय है कुछ अंधे हैं, कुछ के पैर खराब हैं। एक मानसिक अस्पताल में 18 भारतीय भर्ती बताए जाते हैं। सरकार से अनुरोध है कि उन्हें भी जल्द वापस लाया जाए।”
Amritsar: यह घटना भारत-पाकिस्तान के बीच कैदियों की रिहाई और प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया का हिस्सा है, जो मानवीय आधार पर जारी है। रिहा नागरिकों के परिजन खुशी से अभिभूत दिखे, हालांकि कुछ को घर लौटकर परिवार के सदस्यों के निधन या बीमारी की खबर मिली, जिससे माहौल भावुक हो गया।

