Durg. दुर्ग। हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की थीं, जिससे धार्मिक और सामाजिक अस्थिरता फैलने का खतरा उत्पन्न हुआ। आरोपी का नाम नजरूल खान (48), निवासी शर्मा फर्नीचर के पीछे, 18 नंबर रोड, केम्प 01 मिलाई, थाना छावनी, जिला दुर्ग है। घटना का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर स्थानीय नागरिक दीपक कुमार कुलकर्णी ने छावनी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि नजरूल खान ने हिंदू धर्म और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। आपसी वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया।
इस गंभीर शिकायत को देखते हुए एसएसपी विजय अग्रवाल ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना छावनी पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। गवाहों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश की गई। तत्पश्चात आरोपी को पकड़कर गिरफ्तार किया गया। जांच में आरोपी ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त किया और उसके विरुद्ध प्रकरण संख्या 102-2026 के तहत धारा 299 भारतीय न्याय संहिता (BNS) और धारा 67A आईटी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। थाना छावनी के प्रभारी, उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षकगण ने तकनीकी साक्ष्य संकलन एवं आरोपी की पतासाजी में सक्रिय भूमिका निभाई। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। पुलिस ने जब्त की गई सामग्री में एक मोबाइल फोन शामिल है, जिससे वीडियो वायरल किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले किसी भी कृत्य को गंभीर अपराध माना जाएगा।
दुर्ग पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भ्रामक या धार्मिक भावना आहत करने वाली सामग्री सोशल मीडिया पर साझा न करें। ऐसा करना दंडनीय अपराध है। सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और विधिसम्मत तरीके से किया जाना चाहिए। यह कार्रवाई समाज में शांति और सौहाद्ररखने के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति द्वारा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य की सूचना मिलने पर त्वरित और कड़ा दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
इस घटना से यह भी संदेश मिलता है कि सोशल मीडिया पर अपमानजनक और भड़काऊ सामग्री फैलाने वाले लोग कानून के तहत नहीं बचे रह सकते। पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हुआ कि धर्म, सामाजिक सौहार्द और नागरिक सुरक्षा को किसी भी हाल में खतरे में नहीं आने दिया जाएगा। दुर्ग पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में सतर्कता और तेजी से कार्रवाई से समाज में शांति और सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।

