Delhi दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के दौरान ईरान ने अमेरिका के अत्याधुनिक THAAD (Terminal High Altitude Area Defense) मिसाइल रक्षा नेटवर्क का एक प्रमुख रडार सिस्टम नष्ट कर दिया है। यह रडार, जिसकी कीमत तकरीबन $300 मिलियन (लगभग ₹2500 करोड़) बताई जा रही है, जॉर्डन के Muwaffaq Salti Air Base में स्थित था और यह अमेरिकी मिसाइल रक्षा कवरेज के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता था।
उपग्रह चित्रों और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, युद्ध की शुरुआत के शुरुआती दिनों में ईरानी सेना ने इस रडार और इसके सहायक उपकरणों पर सटीक हमला किया, जिससे यह पूरी तरह नष्ट हो गया। THAAD रडार का मुख्य काम उच्च‑लंबाई पर बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाना और उन्हें इंटरसेप्ट करना है।
विश्लेषकों का मानना है कि THAAD नेटवर्क में यह नुक़सान अमेरिका और उसके सहयोगियों के मिसाइल चेतावनी और रक्षा कवरेज को कमजोर कर सकता है, खासकर खाड़ी क्षेत्र में उच्च‑ऊंचाई वाली बैलिस्टिक मिसाइल धमकियों का सामना करने में। THAAD सिस्टम सामान्य तौर पर पारंपरिक PATRIOT सिस्टमों से अधिक उन्नत होता है और यह लंबी दूरी की मिसाइलों के खिलाफ रक्षा प्रदान करता है।
हाल के संघर्षों में अन्य अमेरिकी रडार प्रतिष्ठानों पर भी हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिसमें Foundation for Defense of
Democracies के आंकड़ों के अनुसार अलग‑अलग तिथियों पर दो प्रमुख हमले रिपोर्ट किए गए हैं।ये घटनाएं मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव और युद्ध के प्रसार का संकेत देती हैं, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगियों को कूटनीतिक और सैन्य रणनीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।

