Doha दोहा: वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, खाड़ी देश कतर बुधवार से गैस लिक्विफैक्शन की प्रक्रिया पूरी तरह बंद करने जा रहा है। बताया जा रहा है कि कम से कम एक महीने तक सुपर-चिल्ड प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी (LNG) का उत्पादन और निर्यात सामान्य स्तर पर वापस नहीं आ पाएगा।
इस फैसले का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है, क्योंकि कतर दुनिया के सबसे बड़े तरलीकृत प्राकृतिक गैस निर्यातकों में से एक है। यूरोप और एशिया के कई देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कतर से आयात पर निर्भर हैं। ऐसे में उत्पादन रुकने से वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
सूत्रों ने बताया कि लिक्विफैक्शन यूनिट्स में तकनीकी और परिचालन कारणों के चलते यह कदम उठाया गया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर सरकार या संबंधित ऊर्जा कंपनियों की ओर से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उत्पादन एक महीने तक बाधित रहता है, तो एलएनजी की कीमतों में उछाल देखा जा सकता है।
यूक्रेन संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच यह घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए नई चुनौती साबित हो सकता है। कई देश पहले ही वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश में हैं। ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि यदि स्थिति लंबी खिंचती है, तो इसका असर न केवल गैस कीमतों पर बल्कि बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल बाजार की नजर कतर की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।

