हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश की लाइफ लाइन कहे जाने वाला निर्माणाधीन 182 किलोमीटर दूरी वाले शिमला-कांगड़ा फोरलेन को हालांकि अगले तीन साल में कंप्लीट करने का लक्ष्य एनएचएआई ने रखा है, लेकिन प्रदेश का मौसम बार-बार काम में रोड़े अटका नजर आ रहा है। पांच पैकेज में बनने वाले इस फोरलेन के पहले पैकेज का काम तो हो चुका है, लेकिन पैकेज दो का काम डेडलाइन से आगे खिसक गया है। एनएचएआई की मानें, तो अधिकतर कामों की असली स्थित मार्च के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। दरअसल भंगवार रानीताल (कांगड़ा) से कोहली (हमीरपुर) तक के 54 रोड को दिसंबर तक कंप्लीट करने का लक्ष्य था, लेकिन बरसात में हुए नुकसान के कारण काम की गति धीमी होने से तय समय पर पूरा नहीं हो पाया। हालांकि एनएचएआई ने अब 31 मार्च तक इसके निर्माण में लगी दोनों अलग-अलग कंपनियों को काम मुकम्मल करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में यह काम तीन महीने और खिसक गया है। 17 किलोमीटर के सफर में अभी मसियाणा घाट के पास हथली खड्ड का पुल और फिर क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण जारी है। कुनाह खड्ड पर टू-लेन ब्रिज का निर्माण हो चुका है। मार्च के बाद ही इस रोड के सुहाने सफर का आनंद लिया जा सकेगा।
अभी रानीताल-नादौन-कोहली तक जिस हिस्से को फिलहाल टू-लेन बनाया जा रहा है, उसका चीलबाहल तक 37 किलोमीटर हिस्सा फोरलेन बनेगा, जबकि एक हिस्सा कोहली से चीलवाहल तक तो टू-लेन ही रहेगा। कोहली से हमीरपुर शहर के अणु चौक और एनआईटी की बगल से होकर निकलने वाले हाई-वे के दूसरे टू-लेन के हिस्से का रिंग रोड बनाए जाने की योजना है। कोहली से आगे जिला बिलासपुर के भगेड़ तक 36 किलोमीटर हाई-वे का काम अभी शुरू होना है। भगेड़ से आगे नौणीचौक तक 15 किलोमीटर का फोरलेन कंप्लीट हो चुका है। नौणीचौक से भराड़ीघाट तक साढ़े 17 किलोमीटर फोरलेन का काम शुरू हो चुका, जबकि भराड़ीघाट से शिमला तक लगभग 40 किलोमीटर मार्ग का काम शुरू होने में भी अभी समय लगेगा। वहीं ईं. विक्रम मीणा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई ने बताया कि निर्माण में लगी दो अलग-अलग कंपनियों को 31 मार्च तक निर्माण को पूरा करने के लिए कहा गया है। हमीरपुर में रिंग रोड़ टू-लेन की असली स्थिति भी मार्च तक क्लियर हो जाएगी। कोहली-भगेड़ फोरलेन किस डीपीआर के आधार पर निकलेगा इसकी स्थिति भी मार्च के आखिर तक क्लियर हो जाएगी। हालांकि इस काम को शिमला स्थित कार्यालय देख रहा है।

